मुरादाबाद। निर्यातकों की समस्याओं को लेकर ईपीसीएच के अध्यक्ष नीरज खन्ना व अन्य पदाधिकारी कर्नाटक सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से मिले। कर्नाटक के हस्तशिल्प निर्यातकों की चुनौतियों और उन्हें देश के अन्य राज्यों के निर्यातकों के साथ सीधे जोड़ने पर चर्चा की। अक्तूबर में आयोजित होने वाले निर्यात मेले के लिए कर्नाटक सरकार के अधिकारियों को निमंत्रण भी दिया।
ईपीसीएच के अध्यक्ष के साथ मुख्य संयोजक अवधेश अग्रवाल, केएन तुलसी राव, सदस्य सीओए आरके वर्मा आदि ने कर्नाटक से हस्तशिल्प निर्यात बढ़ाने के उद्देश्य से रणनीतिक उपायों पर चर्चा की। अध्यक्ष नीरज खन्ना ने कर्नाटक सरकार की अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं विकास आयुक्त उमा महादेवन, कौशल विकास, उद्यमिता एवं आजीविका विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. एस सेल्वाकुमार आदि अधिकारियों के सामने यूपी, दिल्ली, राजस्थान व कर्नाटक आदि राज्यों के हस्तशिल्प निर्यात की स्थिति रखी। यूपी का उदाहरण देते हुए उन्होंने हस्तशिल्प क्षेत्र को मजबूत करने के अवसरों, चुनौतियों और सुझावों का विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने प्रमुख चुनौतियों जैसे बाजार विकास सहायता (एमडीए) योजना और हस्तशिल्प बाजारों की खोज, ई-कॉमर्स निर्यात के लिए सहायता, ई-कॉमर्स के साथ जुड़ाव, कंटेनरों की शिपिंग पर माल ढुलाई सब्सिडी, निर्यात ऋण बीमा सहायता, ब्याज दर सब्सिडी, डिजाइन विकास उपायों में सहायता के बारे में बताया। अधिकारियों ने धैर्यपूर्वक सुनवाई की और उठाए गए मुद्दों पर समर्थन का आश्वासन दिया।