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एचओजी तकनीक से ट्रेन संचालन के लिए पूर्ण विद्युतीकृत हुआ मुरादाबाद रेल मंडल.

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मुरादाबाद। भविष्य में एचओजी तकनीक से ट्रेन संचालन के लिए मुरादाबाद रेल मंडल का कुल 2701.72 किमी ट्रैक पूर्ण रूप से विद्युतीकृत हो चुका है। मंगलवार को रेलवे के मुख्य संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) ने नवविद्युतीकृत चंदौसी-हरदुआगंज और राजा का सहसपुर-संभल हातिमसराय रेलखंडों का निरीक्षण किया है। सीआरएस की ओर से अनापत्ति पत्र मिलने के बाद यहां 100 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से इलेक्ट्रिक इंजन वाली ट्रेनें चल सकेंगी।
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सीआरएस मंगलवार सुबह चंदौसी रेलवे स्टेशन पहुंचे। यहां से उन्होंने हरदुआगंज स्टेशन तक रेलवे ट्रैक का ट्राली द्वारा निरीक्षण किया। इसके बाद विशेष ट्रेन को 120 किमी प्रतिघंटा की गति से दौड़ाकर स्पीड ट्रायल किया। इसके बाद राजा का सहसपुर-संभल हातिमसराय स्टेशनों के बीच निरीक्षण के लिए यह प्रक्रिया अपनाई गई। सीआरएस ने हर बिंदु को बारीकी से परखने के बाद अपने सुझाव डीआरएम अजय नंदन को नोट कराए हैं। अब अगले माह तक सीआरएस कार्यालय की ओर से ट्रैक की फिटनेस का प्रमाण पत्र मिल जाएगा। इस अनुमति के बाद इस रेलखंड पर इलेक्ट्रिक ट्रेनें चलाई जा सकेंगी।
मुरादाबाद रेल मंडल में कुल 2701.72 किमी रेलवे ट्रैक है। वर्ष 2012 से विद्युतीकरण की शुरूआत हुई थी। सबसे पहले मुरादाबाद-गाजियाबाद रेलखंड का विद्युतीकरण हुआ था। सबसे अंत में रोजा-सीतापुर, राजा का सहसपुर-संभल और चंदौसी-हरदुआगंज रेलखंड का विद्युतीकरण हुआ है। पूरे मंडल को विद्युतीकृत करने में 10 साल लगे हैं। सीनियर डीसीएम सुधीर सिंह ने बताया कि रोजा-सीतापुर में ट्रैक दोहरीकरण भी पूरा हो चुका है। अब सीआरएस का अगला निरीक्षण 28 मार्च को रोजा-सीतापुर में होना प्रस्तावित है।
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डीजल की खपत को शून्य करने के लिए है एचओजी तकनीक
सीनियर डीसीएम सुधीर सिंह ने बताया कि भविष्य में सभी ट्रेनों का संचालन एचओजी (हेड ऑन जनरेशन) तकनीक से होना है। इसमें ट्रेन के इंजन से लेकर सभी बोगियों में विद्युत उपकरणों को चलाने के लिए भी ओवर हेड हाइटेंशन वायर से बिजली मिलेगी। ट्रेनों में लगने वाली जनरेटर कार को हटा दिया जाएगा। इससे ट्रेन संचालन में डीजल की खपत शून्य हो जाएगी।
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