मुरादाबाद। बुध बाजार स्थित कपड़े के एक शोरूम में फर्जी चेकिंग दिखाने और झूठे तथ्य प्रस्तुत करने में विद्युतकर्मी दोषी पाए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर डीआईजी शलभ माथुर ने जिलाधिकारी से कार्रवाई की अपील की है। कपड़ा कारोबारी नवनीत वार्ष्णेय ने जेई रवि रंजन, संजीव रुहेला आदि विद्युतकर्मियों पर फर्जी चेकिंग दिखाकर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था।
नवंबर 2020 में विद्युतकर्मियों ने अपनी रिपोर्ट में जिस तारीख को चेकिंग कर कनेक्शन काटने का जिक्र किया था। वास्तव में उस तारीख में चेकिंग की ही नहीं गई, न ही उपभोक्ता का कनेक्शन काटा गया। इसकी एवज में उपभोक्ता पर भारी भरकम जुर्माना भी लगा दिया गया था। इस मामले में उपभोक्ता ने जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। साथ ही जिला प्रशासन की मदद ली। तत्कालीन जांच अधिकारी एडीएम फाइनेंस प्रीति जायसवाल की रिपोर्ट में भी विद्युत निगम के जेई और उनके साथियों को दोषी पाया गया था। विद्युत कर्मियों की अपील पर इस मामले की दोबारा जांच कराई गई। अब अपर जिलाधिकारी और नगर मजिस्ट्रेट की जांच में भी विद्युतकर्मियों को दोषी पाया गया है।
कल्पना साड़ी शोरूम के मालिक नवनीत वार्ष्णेय का कहना है कि वह अपने प्रतिष्ठान का विद्युत भार बढ़वाने बिजलीघर गए थे। वहां उनसे इस कार्य के लिए रिश्वत मांगी गई थी। आरोप है कि उपभोक्ता ने इनकार किया तो कुछ दिन बाद जेई ने बदले की भावना से फर्जी चेकिंग रिपोर्ट भरी थी। जांच में उपभोक्ता ने अपनी दुकान के सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से चेकिंग को फर्जी सिद्ध कर दिया था। अब जांच रिपोर्ट के आधार पर उपभोक्ता ने प्रशासन से जेई रवि रंजन, संविदा कर्मी संजीव रुहेला और उनके साथियों के खिलाफ कार्रवाई की अपील की है।