हाल ही में मंच पर आंसू बहाकर चर्चा में आईं बदायूं की भाजपा सांसद संघमित्रा मौर्य ऐसी पहली नेता नहीं हैं जो मंच से रोईं हों। चुनावी दौर में नेताओं की ऐसी तस्वीर अमूमन देखने को मिल ही जाती है। नेता वोट पाने के लिए तरह-तरह के वादे करते हैं। कभी-कभी वह भावुक होकर जनता को रिझाने की कोशिश करते हैं।
मंच पर रोने के ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं। हालांकि ताजा मामला कुछ अलग है। बदायूं में प्रबुद्ध सम्मेलन में मुख्यमंत्री के आने से पहले मंच पर पार्टी नेताओं के साथ बैठीं सांसद संघमित्रा मौर्य एकाएक रो पड़ीं। सियासी गलियारों में चर्चा है कि लोकसभा चुनाव में टिकट कटने की टीस थी जो मंच पर उभरकर सामने आई।
प्रतिक्रिया में उनके पिता पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपनी बेटी संघमित्रा के मंच पर रोने पर सवाल भी उठाया। उन्होंने इसे ओछी हरकत करार दिया और कहा कि राजनीति में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। जब भी संघमित्रा से वह मिलेंगे तो इस बारे में बात करेंगे।
जनसभा में भावुक हो गए थे आजम खां
चुनावी सभाओं में सपा नेता आजम खां अक्सर भावुक हो जाते हैं। कई बार ऐसा हुआ है कि लोगों को संबोधित करते हुए आजम खां भावुक हुए हों। 2019 में विधानसभा उपचुनाव में पत्नी और सपा उम्मीदवार डॉ. तजीन फात्मा के लिए वोट मांगते हुए आजम खां मंच पर रो पड़े थे।
इस उपचुनाव में उन्होंने तीन जनसभाएं की थीं और तीनों में ही भाषण देते वक्त वह भावुक हो गए थे। रामपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने आंखों में आंसू भरकर अपने और परिवार के ऊपर दर्ज हुए मुकदमों की लंबी दास्तां सुनाई थी। इस चुनाव में डॉ. तजीन फात्मा को जीत मिली थी।