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ई बसें: 11 दिन में गुरुग्राम से 200 किमी दूर मुरादाबाद नहीं पहुंच पाया तकनीशियन

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26 अप्रैल से तीन ई बसें एसी खराब होने के कारण चार्जिंग डिपो में खड़ी हैं। इन बसों के एसी ठीक करने के लिए निजी कंपनी के तकनीशियन को गुरुग्राम से बुलाया जाना है। परिवहन निगम 26 अप्रैल को इसके लिए पत्र लिख चुका है। इसके बावजूद 11 दिन बाद भी तकनीशियन गुरुग्राम से मुरादाबाद तक तकरीबन 200 किमी की दूरी तय नहीं कर पाया है।
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विशेष बात यह है कि इन बसों के मुरादाबाद पहुंचने पर पांच तकनीकी जानकारों की टीम ने निरीक्षण किया था। इनमें मुरादाबाद क्षेत्र के सेवा प्रबंधक सुरेंद्र कुमार, पीतलनगरी डिपो के एआरएम शिवबालक, एमआईटी के एक प्रोफेसर, पीतलनगरी डिपो के फोरमैन आदि शामिल थे। पांचों ने बसों को रूट पर संचालन के लिए फिट बताया था। इसके बाद अगले दिन से बसें रूट पर चला दी गईं। जब यात्रियों को बैठाकर रामपुर दोराहा से अगवानपुर का फेरा लगाया गया तो पता चला कि तीन बसों के एसी खराब हैं। शीशा बंद बसें होने के कारण यात्रियों का गर्मी में बुरा हाल हो गया और उन्हें बीच में ही उतरना पड़ा। इसके बाद से ये बसें तकनीशियन के इंतजार में चार्जिंग डिपो में खड़ी हैं। परिवहन निगम ई बसों के नोडल की भूमिका में है। इसके बावजूद निगम के अधिकारी इस मामले में निजी कंपनी की जिम्मेदारी बताकर पल्ला झाड़ रहे हैं। ज्ञात हो कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर में कुल 25 ई बसें चलाई जानी हैं। इनमें से 15 बसें शहर में पहुंचनी बाकी हैं। 25 बसों के संचालन के हिसाब से अभी तैयारियां भी पूरी नहीं है। चार्जिंग स्टेशन पर सभी चार्जिंग प्वाइंट सक्रिय नहीं हैं। ई बसों के जीपीएस और सीसीटीवी को क्रियान्वित करने के लिए कंट्रोल रूम में इंटरनेट सुविधा नहीं हैं। इसके चलते नगर विकास विभाग भी शहर में ई बसें भेजने में देर कर रहा है।
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