अमरोहा। जिले में मौसम के अचानक बदले मिजाज ने किसानों की चिंता एक बार फिर बढ़ा दी है। बुधवार को बूंदाबांदी और तेज हवाओं के चलते गेहूं की फसल की कटाई और गहाई प्रभावित हुई, जिससे अन्नदाताओं की धड़कनें तेज हो गईं।
पहले ही बारिश से नुकसान झेल चुके किसान अब फिर से मौसम की मार को लेकर परेशान नजर आ रहे हैं। सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और न्यूनतम तापमान 14 डिग्री तथा अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मंगलवार के मुकाबले अधिकतम तापमान में करीब 9 डिग्री और न्यूनतम में 4 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। करीब आठ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलती रहीं।
सुबह हल्की बूंदाबांदी के बाद कुछ देर के लिए धूप निकली, लेकिन दोपहर बाद फिर से बादल घिर आए और शाम करीब पांच बजे तेज हवाओं के साथ दोबारा बूंदाबांदी शुरू हो गई। मौसम में इस बदलाव से जहां आम लोगों को गर्मी से राहत मिली, गर्मी में ठंड का एहसास हुआ। वहीं किसानों की चिंता बढ़ गई।
हसनपुर, नौगावां सादात, कैलसा और अमरोहा क्षेत्रों में गेहूं की फसल पककर तैयार है और कई जगहों पर कटाई-गहाई का कार्य शुरू हो चुका था। ऐसे में बूंदाबांदी के कारण यह कार्य बाधित हो गया। किसानों का कहना है कि गेहूं की फसल उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि इससे न केवल घर के लिए अनाज मिलता है बल्कि पशुओं के लिए सालभर का भूसा भी तैयार किया जाता है।
यदि इस समय बारिश अधिक हो गई तो फसल को भारी नुकसान हो सकता है। इसके अलावा बूंदाबांदी के कारण शहर की सड़कों पर कीचड़ फैल गया, जिससे राहगीरों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। संवाद