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UP: मुरादाबाद के डीपीआरओ वाचस्पति झा निलंबित.... विभागीय जांच के आदेश, निदेशालय से किए गए संबद्ध

Fri, 09 May 2025 02:33 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

उत्तर प्रदेश शासन ने जिला पंचायत राज अधिकारी वाचस्पति झा को विधान परिषद याचिका समिति के आदेशों की अवहेलना के आरोप में निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही उन्हें पंचायतीराज निदेशालय से संबद्ध कर दिया गया है। उपनिदेशक योगेंद्र कटियार को विभागीय जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।
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वाचस्पति झा - फोटो : संवाद
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विस्तार
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शासन ने मुरादाबाद के जिला पंचायत राज अधिकारी वाचस्पति झा को निलंबित कर दिया। उन्हें पंचायतीराज निदेशालय से संबद्ध किया गया है। निलंबन के साथ ही डीपीआरओ के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं। यह कार्रवाई विधान परिषद याचिका समिति के आदेशों की अवहेलना पर की गई।

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डीएम ने कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा था। करीब एक माह पहले उत्तर प्रदेश विधान परिषद की याचिका समिति जिले के भ्रमण पर आई थी। सर्किट हाउस में समीक्षा बैठक के दौरान याचिका समिति के सभापति के सामने विकास खंड कुंदरकी के ग्राम मिलक में जुम्मा के घर से शराफत हुसैन के घर तक करीब 300 मीटर खड़ंजा निर्माण में गड़बड़ी का मामला सामने आया था।

समिति के पत्र के आधार पर डीएम ने इसकी जांच के आदेश डीपीआरओ को दिए थे। समिति के सामने जब जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की गई तो पता चला कि डीपीआरओ ने स्वयं स्थल पर जाकर जांच करने के बजाय अपने सबसे निचले स्तर के अधिकारी पंचायत सचिव से जांच कराई। इसके अलावा जांच रिपोर्ट समिति के भ्रमण के दिन ही भेजी गई, जिस पर याचिका समिति ने बैठक में कड़ी नाराजगी जताई थी।
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इससे डीएम अनुज सिंह भी बैठक में असहज हाे गए थे। समिति के सभापति सत्यपाल सिंह ने इसे गंभीरता से लेते हुए डीएम को कार्रवाई के आदेश दिए थे। डीएम ने डीपीआरओ वाचस्पति झा को उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने, विधान परिषद के मामलों में उदासीनता एवं दायित्वों के निर्वहन में शिथिलता बरतने के आरोप में प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए शासन को पत्र भेजा था। इसके आधार पर शासन ने डीपीआरओ को निलंबित कर दिया।

उपनिदेशक योगेंद्र कटियार करेंगे विभागीय जांच

पंचायती राज विभाग के विशेष सचिव राजेश कुमार त्यागी की ओर से जारी किए गए निलंबन आदेश के साथ पूरे मामले की विभागीय जांच के भी आदेश दिए गए हैं। पंचायती राज निदेशालय के उपनिदेशक योगेंद्र कुमार कटियार को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्हें एक माह के भीतर जांच पूरी कर शासन को रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश में निलंबित डीपीआरओ को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिए जाने का भी आदेश दिया गया है।

डीएचओ के खिलाफ जांच के लिए आज आएगी टीम
निदेशालय उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा जिला उद्यान अधिकारी (डीएचओ) बैजनाथ सिंह के खिलाफ अनियमितताओं की शिकायत पर जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय समिति शुक्रवार को आएगी। जांच समिति ने डीएचओ को सभी आवश्यक पत्रावलियों के साथ स्वयं उपस्थित रहने और अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को भी कार्यालय में उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं। डीएचओ द्वारा जिले में लहसुन बीज वितरण के लाभार्थियों की सूची उपनिदेशक उद्यान पूजा सक्सेना को उपलब्ध न कराने को लेकर विवाद चल रहा है।

इस संबंध में उपनिदेशक ने निदेशालय को पत्र लिखकर डीएचओ पर जिला पौधशाला पर अवैध कटान में लिप्त होने, बिना जीएसटी नंबर के बिलों का भुगतान करने, कोल्ड स्टोर का अवैध संचालन कराने के साथ विभिन्न विभागीय योजनाओं में गड़बड़ी करने का आरोप लगाते हुए शिकायत की गई थी। शिकायत का संज्ञान लेकर निदेशालय द्वारा मार्च में जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन कर दिया गया था।

संयुक्त निदेशक (शाकभाजी) राजीव कुमार वर्मा की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय जांच समिति नौ मई को सुबह 10:00 बजे जांच के लिए आएगी। जांच टीम की ओर से डीएचओ को पत्र भी जारी कर दिया गया है। जांच में सहयोग के लिए उपायुक्त (स्वरोजगार) आरपी भगत, उपनिदेशक उद्यान विजय चंद, उपनिदेशक उद्यान मुरादाबाद मंडल तथा वरिष्ठ उद्यान निरीक्षक दिलीप कुमार को भी उपस्थित रहने को कहा गया है।

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मेरे ऊपर लगाए गए आरोप गलत हैं। आरोपों की जांच के लिए गठित टीम शुक्रवार को आ रही है। उसके समक्ष मैं अपना पक्ष रखूंगा। मैंने सभी कार्य सही किए हैं। जांच में सब स्पष्ट हो जाएगा। - बैजनाथ सिंह, जिला उद्यान अधिकारी

मैंने डीएचओ से विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों की सूची मांगी थी, जो उन्होंने कई बार मांगने के बाद भी उपलब्ध नहीं कराई। जिससे मेरे पर्यवेक्षणीय कार्य में दिक्कत हुई। मजबूरन मुझे निदेशालय को पत्र लिखना पड़ा। इसके आधार पर जांच टीम के शुक्रवार को आने की जानकारी मिली है। - पूजा सक्सेना, उपनिदेशक उद्यान
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