मुरादाबाद में खरीदारी करते लोग
- फोटो : अमर उजाला
धनतेरस के दिन कुबेर जी, भगवान धन्वंतरि और माता लक्ष्मी की पूजा का विधान है। इस बार धनतेरस पर हस्त नक्षत्र का योग बन रहा है। ज्योतिषाचार्य पंडित अखिलेश पांडेय ने बताया कि धनतेरस के दिन बाजार से कुछ न कुछ खरीदकर लाने की परंपरा है। विशेषकर सोने या चांदी की चीजें खरीदने का महत्व है।
दिवाली पर खरीदारी करते लोग
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बहुत से लोग लक्ष्मी-गणेश जी बने हुए सोने-चांदी के सिक्के खरीदते हैं, जो कि बहुत ही शुभ माने जाते हैं, लेकिन जो लोग ये नहीं खरीद सकते, वो स्टील, पीतल या तांबे आदि का बर्तन खरीद सकते हैं। धनतेरस पूजा को धनत्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है। धनतेरस का दिन धन्वन्तरि त्रयोदशी या धन्वन्तरि जयन्ती, जो कि आयुर्वेद के देवता का जन्म दिवस है, के रूप में भी मनाया जाता है।
मुरादाबाद बाजार में दिवाली की खरीदारी
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पूजा करने का एक घंटा 55 मिनट का योग
धनतेरस पूजा का समय मुरादाबाद के लिए शाम पांच बजकर 40 मिनट से शाम सात बजकर 35 मिनट तक रहेगा। पंडित अखिलेश पांडेय ने बताया कि इस दिन गणेश पूजा, भगवान धनवंतरी, कुबेर देव और मां लक्ष्मी की पूजा करना शुभ होगा। इस दिन अपार धन लाभ दिलाने वाला हस्त नक्षत्र रहेगा। हस्त नक्षत्र के स्वामी चंद्र देव हैं और शुक्र चंद्रमा कन्या राशि में होंगे। हस्त नक्षत्र में खरीदारी करना बेहद शुभ माना जाता है।
दिवाली के मौके पर खरीदारी करते लोग
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खरीदारी के लिए शुभ मुहूर्त
दोपहर 12 बजकर 35 मिनट तक द्वादशी तिथि रहेगी। इसके बाद त्रयोदशी तिथि लग जाएगी, जोकि 11 नवंबर को दोपहर 1 बजकर 57 मिनट तक रहेगी। शुक्रवार शाम पांच बजकर पांच मिनट के बाद खरीदारी करना शुभ रहेगा। शनिवार को दोपहर एक बजकर 57 मिनट से पहले कर लें, क्योंकि इसके बाद त्रयोदशी तिथि समाप्त हो जाएगी।
दिवाली के मौके पर खरीदारी करते लोग
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धनतेरस में खरीददारी का महत्व
धनतेरस के दिन कोई न कोई धातु की चीज खरीदकर घर अवश्य लानी चाहिए। सोने-चांदी का सिक्का हो, कोई बर्तन या अन्य कोई चीज उसका दीपावली के दिन तक इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। बहुत से लोग लक्ष्मी-गणेश जी बने हुए सोने-चांदी के सिक्के खरीदते हैं, जो कि बहुत ही शुभ माने जाते हैं, लेकिन जो लोग ये नहीं खरीद सकते, वो स्टील, पीतल या तांबे आदि का बर्तन खरीद सकते हैं। दीपावली पूजा के समय उसे देवी मां के सामने रखकर, उसकी पूजा करनी चाहिए और बाद में उसे उपयोग में लेना चाहिए।