मुरादाबाद। मझोला के ध्रुव अपहरण कांड में नया मोड़ आया गया है। अब पीड़ित पक्ष की ओर से इंस्पेक्टर और दो सिपाहियों के खिलाफ परिवाद दर्ज कराया गया है। परिवाद में आरोप लगाया गया है कि आवाज का नमूना देने से इनकार करने पर ध्रुव और उसके मां और बाप से 20 अक्तूबर को मारपीट की गई।
मझोला थानाक्षेत्र के लाइनपार रामलीला मैदान निवासी गौरव के पांच वर्षीय बेटे ध्रुव को सात अगस्त 2020 की दोपहर अगवा कर लिया गया था। इंटरनेट कॉलिंग के जरिए अपहरण करने वालों ने तीस लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। पुलिस ने अगले दिन ही ध्रुव को गाजियाबाद के कौशांबी डिपो से एक रोडवेज बस से बरामद किया था। पुलिस ने इस अपहरण कांड का सनसनीखेज खुलासा करते हुए बताया था कि ध्रुव की मां शिखा ने तेलंगाना निवासी अपने प्रेमी अशफाक के साथ घर बसाने को अपहरण कराया था। पुलिस ने इस मामले में शिखा, अशफाक और कार चालक इमरान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। सभी आरोपियों की कोर्ट से जमानत हो चुकी है।
इस मामले में शिखा और ध्रुव सहित अन्य लोगों की आवाज के नमूने की जांच होनी थी। इसके लिए 22 अक्तूबर को उनको लखनऊ स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला जाना था। अब ध्रुव की तरफ से शिखा ने अपने अधिवक्ता अभिषेक शर्मा के माध्यम से सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर परिवाद दायर कराया है। परिवाद में आरोप है कि मझोला थाने में तैनात इंस्पेक्टर हरिशंकर, सिपाही रिंकू व सोनू 20 अक्कूबर को उसके घर आए। उन्होंने आवाज नमूने के लिए लखनऊ जाने के लिए दबाव बनाया। परिजनों ने इंकार किया तो उन्हें धमकाया गया और गाली-गलौज करने के साथ ही ध्रुव के साथ मारपीट की। शिखा के अधिवक्ता अभिषेक शर्मा ने बताया कि तीनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ परिवाद दर्ज कराया गया है। इसके अलावा शिखा ने एडीजे प्रथम की कोर्ट में भी एक प्रार्थना पत्र दिया था। जिसमें कहना था कि इच्छा के खिलाफ ध्रुव की आवाज का नमूना लेना पुलिस के अधिकार में नहीं हैं। आखिरकार किस नियम से पुलिस ने नमूना लेने की बात कही। अधिवक्ता ने बताया कि कोर्ट ने मझोला पुलिस से जवाब-तलब करते हुए रिपोर्ट मांगी है। इस मामले में बुधवार को सुनवाई होगी।
मैं केस का वादी हूं। हम तो न्यायालय के आदेश का पालन कर रहे हैं। 22 अक्तूबर को विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ में शिखा, धु्रव व अशफाक के आवाज के नमूने लेने थे, लेकिन कोई भी आवाज के नमूने देने नहीं पहुंचा। हमने पहले ही नोटिस तामिल करा दिया था, अगर न्यायालय द्वारा आदेश जारी करता है तो फिर से नोटिस तामिल करा दिया जाएगा। बीस अक्तूबर को मैं शिखा के घर नहीं गया था।
हरि शंकर सिंह, अपराध निरीक्षक, सिविल लाइंस थाना