रामपुर। सावन के आखिरी सोमवार पर शहर से लेकर देहात तक के शिवालयों में जलाभिषेक के लिए कांवड़ियों एवं शिवभक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्वि की कामना की। प्राचीन शिव मंदिरों में सुरक्षा के लिहाज से पुलिस का कड़ा पहरा रहा। मंदिरों के बाहर सुबह से लेकर शाम तक जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की कतारें लगी रहीं। हर-हर महादेव के जयकारे गूंजते रहे।
सावन के आखिरी सोमवार को गंगाघाटों से जल लेकर पहुंचे कांवड़ियों ने मंदिरों में जलाभिषेक किया। ऐतिहासिक शिव मंदिर भमरौआ, पंजाब नगर, रठौंडा और कोसी मार्ग स्थित प्राचीन शिव मंदिर में जलाभिषेक करने को लेकर कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की सुबह से लाइनें लगी थीं। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव को फल-फूल, धतूरे के साथ ही मेवा मिष्ठान का भोग लगाकर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिरों में भंडारे का आयोजन किया गया। मंदिर परिसर के बाहर लगे मेले का लोगों ने आनंद उठाया।
अजीतपुर स्थित शिव मंदिर, कृष्णा विहार स्थित शिव मंदिर, हाईवे स्थित शिव साईं मंदिर, खारीं कुंआ स्थित शिव मंदिर, जोकी राम की बगिया मंदिर, ज्वालानगर का शिव मंदिर, जिला पंचायत का शिव मंदिर, कोसी मंदिर में श्रद्धालुओं ने पूजन-अर्चन किया।
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बामेश्वर मंदिर में भक्तों ने किया जलाभिषेक
मिलक। रठौंडा स्थित प्राचीन बामेश्वर महादेव मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं व कांवड़ियों ने जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। प्राचीन श्री बामेश्वर महादेव शिव मंदिर के कपाट विधि-विधान से आरती कर सुबह चार बजे खोले गए। जिसके बाद श्रद्धालु जलाभिषेक करने के लिए मंदिर परिसर पहुंचे। डाक कावंड लेकर आए कांवड़ियों ने जलाभिषेक किया। कांवड़ियों की सेवा में सामाजिक संगठनों ने जगह-जगह प्रसाद वितरण किया। इस दौरान एसडीएम राजेश कुमार, सीओ राजवीर सिंह परिहार, तहसीलदार अंकित अवस्थी, नायाब तहसीलदार सीमा गंगवार, कोतवाल धनंजय सिंह ने मंदिर का भ्रमण कर जायजा लिया। संवाद