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Moradabad News: ड्यूटी ड्रॉ बैक पांच प्रतिशत करने की मांग ने पकड़ा जोर

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मुरादाबाद। पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण निर्यातकों को हुए नुकसान की भरपाई ड्यूटी ड्रॉ बैक प्रोत्साहन योजना से नहीं हो पा रही है। इससे निर्यातक अब ड्यूटी ड्रॉ बैक को एक प्रतिशत से बढ़ाकर पांच प्रतिशत करने की मांग उठा रहे हैं। उनका कहना है कि हस्तशिल्प उत्पादों पर एक प्रतिशत ड्यूटी ड्रॉ बैक से कोई विशेष लाभ नहीं मिल रहा। यदि सरकार इसे किसी अन्य सब्सिडी के रूप में भी दे, तो कारोबार को राहत मिल सकती है।
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जिले के निर्यातकों को प्रोत्साहन के रूप में लोहे और स्टील पर एक प्रतिशत, जबकि एल्युमिनियम व पीतल पर दो प्रतिशत ड्यूटी ड्रॉ बैक मिलता है। मौजूदा परिस्थितियों में यह लाभ नाममात्र का साबित हो रहा है। पश्चिम एशिया में युद्ध के चलते निर्यातकों को भारी नुकसान हुआ है और निर्यात में करीब 50 प्रतिशत तक गिरावट आई है।
निर्यातकों का कहना है कि वर्ष 2017 के बाद पीतल, एल्युमिनियम और लोहे पर ड्यूटी ड्रॉ बैक दरें कम कर दी गईं, जिन्हें अब तक नहीं बढ़ाया गया है। इससे वर्तमान में उनकी परेशानी और बढ़ गई है।
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निर्यातक विशाल अग्रवाल का कहना है कि मौजूदा समय में प्रोत्साहन दरों को बढ़ाना जरूरी है और ड्रॉ बैक को पांच प्रतिशत किया जाना चाहिए। वहीं, निर्यातक मनु सिंघल के अनुसार, विदेशों से मिले कई ऑर्डर रद्द हो चुके हैं और नए ऑर्डर भी कम मिल रहे हैं। ऐसे में कारोबार को पटरी पर लाने के लिए प्रोत्साहन राशि की आवश्यकता है।
आईआईए हैंडीक्राफ्ट डेवलपमेंट कमेटी के चेयरमैन सुरेश कुमार गुप्ता ने बताया कि करीब आठ वर्ष पहले ड्यूटी ड्रॉ बैक 10 प्रतिशत से अधिक मिलता था, लेकिन बाद में नई प्रोत्साहन योजनाएं लागू होने के साथ इसकी दरें घटा दी गईं। अब इसका खामियाजा निर्यातकों को उठाना पड़ रहा है।
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