अमरोहा में सितंबर में दुष्कर्म का शिकार हुई किशोरी का शव रविवार को खेत में फंदे से लटकता मिला। मृतका के परिजनों ने दुष्कर्म के आरोपी द्वारा हत्या किए जाने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। सवाल उठाया कि सितंबर में हुई वारदात के आरोपी को पुलिस ने अब तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया? दबाव में आई पुलिस ने आनन-फानन में दुष्कर्म के आरोपी, उसकी मां और भाई पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया। एसपी ने इंस्पेक्टर व दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया है।
घटना आदमपुर थाना क्षेत्र के एक गांव की है। ग्रामीणों के मुताबिक गांव निवासी किसान की 15 वर्षीय बेटी रविवार सुबह करीब छह बजे पशुओं का चारे लाने खेत पर गई थी। काफी समय बाद भी वह घर नहीं लौटी तो परिजन तलाशते हुए खेतों की ओर गए। खेत में नीम के पेड़ पर प्लास्टिक की रस्सी से बंधे फंदे पर उसका शव लटका हुआ नजर आया। उसके हाथ-पैर भी रस्सी से बंधे थे। फंदा खोलकर परिजन उसे निजी चिकित्सक के पास ले गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
एएसपी को सौंपी पुलिस की भूमिका की जांच
परिजनों के मुताबिक 25 सितंबर को गांव के ही युवक ने घर में घुसकर बेटी के साथ दुष्कर्म किया था। सितंबर में हुई वारदात के आरोपी को पुलिस अब तक गिरफ्तार नहीं कर सकी थी। परिजनों ने दुष्कर्म के आरोपी पर हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस व मुश्किल लोगों को समझाकर शव कब्जे में ले सकी और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। बाद में पुलिस ने दुष्कर्म के आरोपी मोनू शर्मा, उसके भाई सोनू और मां विमला के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। एसपी पूनम ने बताया कि इस मामले में पुलिस की भूमिका की जांच एएसपी को सौंपी है। इस बीच आदमपुर थाने के इंस्पेक्टर सतीश कुमार आर्या, सिपाही राहुल कुमार, सुमित कुमार को निलंबित कर दिया गया है।
छेड़छाड़ में दर्ज की थी रिपोर्ट
किशोरी के परिजनों का कहना है कि 25 सितंबर को दुष्कर्म की वारदात के बाद जब वे थाने पहुंचे तो वहां मौजूद सिपाही ने दुष्कर्म के स्थान पर छेड़छाड़ की रिपोर्ट दर्ज की थी। पीड़िता द्वारा न्यायालय में मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराते समय अपने साथ दुष्कर्म की बात कही तो मजिस्ट्रेट के आदेश पर पीड़िता का मेडिकल कराया गया और केस दुष्कर्म की धाराओं में तरमीम किया गया था। इसके बावजूद पुलिस ने आरोपी मोनू शर्मा की गिरफ्तारी नहीं की। आरोपी और उसके परिजनों की ओर से किशोरी व परिवार को लगातार धमकी दी जा रही थी।
हंगामा देख कई थानों की पुलिस बुलाई
दुष्कर्म पीड़िता का शव फंदे से लटका मिलने के बाद परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू किया तो वहां ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। परिजन और गांव के कई लोग सितंबर से अब तक आरोपी की गिरफ्तारी न होने का मुद्दा उठा रहे थे। इन हालात के बीच पुलिस पोस्टमार्टम के लिए तत्काल शव कब्जे में नहीं ले पाई। माहौल गर्माता देख आदमपुर के साथ-साथ रहरा, सैदनगली व हसनपुर थानों की पुलिस भी मौके पर बुला ली।
इस बीच विधायक महेंद्र सिंह खड़गवंशी मौके पर पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाने के साथ पुलिस को उचित कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस शव पोस्टमार्टम के लिए भेज सकी। एसपी पूनम, एएसपी चंद्रप्रकाश शुक्ला, सीओ सतीश चंद्र पांडेय भी काफी देर मौके पर मौजूद रहे और परिजनों को न्यायसंगत कार्रवाई का भरोसा दिया।