झांसी की बबीना विधान सभा के विधायक कृष्णपाल सिंह राजपूत को शक है कि उनके बेटे शुभम राजपूत की हत्या की गई है। उसे मारने के बाद ही लटकाया गया था। या फिर उसे इतना टॉर्चर किया कि उसने तंग आकर आत्महत्या कर ली।
उनका कहना है कि बेटे की मौत के पीछे उसकी मंगेतर और उसके परिवार के लोग ही हैं। उन्होंने एसएसपी से मिलकर पूरे प्रकरण की सही जांच की मांग की है। उन्होंने पुलिस को लिखित में तहरीर भी दी।
झांसी जिले की बबीना विधान सभा के बसपा विधायक केपी सिंह उर्फ कृष्ण पाल सिंह राजपूत का बेटा शुभम (24) दिल्ली रोड स्थित शिक्षण संस्थान से एलएलबी कर रहा था। साथ पढ़ने वाली पीएसी दरोगा की बेटी से उसके प्रेम संबंध हो गए थे।
प्रेमिका शुभम को अपने घर ले गई थी और परिवार के लोगों से मिलवा दिया था। इसके बाद शुभम ने अपनी मां और पिता से बात कर ली थी। दोनों परिवारों ने 28 जुलाई 2015 को इनकी सगाई कर दी थी। इसके बाद पीएसी के पास ही मंगेतर की मां ने शुभम को किराये पर कमरा दिला दिया था।
10 सितंबर 2016 को सुबह शुभम का शव इसी कमरे में फंदे पर लटका मिल था। पोस्टमार्टम के बाद विधायक बेटे के शव के लेकर झांसी चले गए थे। शनिवार को झांसी से मुरादाबाद पहुंचे विधायक केपी सिंह ने शिक्षण संस्थान जाकर उसके सहपाठियों और टीचरों से बातचीत की।
सभी ने बताया कि शुभम का किसी से कोई विवाद नहीं था। वह तो केवल पढ़ाई लिखाई पर ही ध्यान दे रहा था। कालेज में भी वह अपनी मंगेतर कोसाथ रखता था। पिता ने बेटे के उस उस कमरे में भी जाकर जांच पड़ताल की। जहां उसका शव लटका मिला था। जबकि मंगेतर और उसके परिवार के लोगों से भी सच जानना चाहा।
विधायक ने कहा कि बेटा तीन साल से मुझ से दूर था। लेकिन उसे मेरी तरफ से किसी तरह की कोई समस्या नहीं थी। यहां वह मंगेतर और उसकेे परिवार से जुड़ा हुआ। उन्होंने शक जताया कि बेटे की मौत के पीछे मंगेतर और उसके परिवार का हाथ है।
उन्होंने एसएसपी से मामले की जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि उनके बेटे की हत्या की गई या फिर उसे इतना परेशान किया गया। जिससे तंग आकर उसने आत्महत्या कर ली।