बाईस मई की रात को सिविल लाइंस के चक्कर की मिलक में हुई खनन ठेकेदार नूर मोहम्मद उर्फ गब्बर की हत्या की पटकथा इलाहाबाद की नैनी जेल में बंद मुरादाबाद के बदमाश सुभहान ने लिखी थी। हत्या के पीछे बदमाशों के दो ग्रुपों की गैंगवार और पुरानी रंजिश उजागर हुई है।
इलाहाबाद जेल की सलाखों के पीछे बैठे सुभहान ने गब्बर के अलावा मुरादाबाद के तीन और लोगों की हत्या का टास्क सुपारी किलर्स को दिया था। लेकिन सुपारी लेने बाद रामपुर में डेरा डाल चुके शूटरों को ऐन वक्त पर यूपी एसटीएफ ने रामपुर से धर दबोचा। गब्बर हत्याकांड में शामिल रहे इसी गैंग के दो शूटर मुजफ्फरनगर पुलिस ने दबोचे हैं। इनमें सुभहान का भतीजा रिजवान और 50 हजार का इनामी शार्प शूटर इमरान उर्फ तोता भी शामिल है।
चक्कर की मिलक में 22 मई की देर रात खनन ठेकेदार नूर मोहम्मद उर्फ गब्बर (40) की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। गब्बर भी अपराधी था और छह साल जेल में रहकर बाहर आया था। इस मामले में गब्बर के परिजनों ने फहीम धनिया, छोटे, साबिर, सरताज और इदरीस के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। इदरीस को छोड़ बाकी चारों बदमाश जेल में हैं।
नैनी जेल से चल रहे कुछ नंबरों पर कान लगाए एसटीएफ ने सोमवार को रामपुर में छापा मारकर इलाहाबाद के सुपारी शूटर आकिल और जेपीनगर के कुख्यात बदमाश बब्लू खान को गिरफ्तार कर लिया। ये दोनों शूटर मुरादाबाद में एक प्रापर्टी डीलर समेत तीन लोगों की हत्या करने का टास्क लेकर यहां आए थे। तीनों हत्याओं के लिए नैनी जेल में बंद मुगलपुरा के लाल बाग निवासी सुभहान पुत्र दूल्हे खां ने ही सुपारी दी थी।
एसटीएफ के एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि गब्बर उर्फ नूर मोहम्मद की हत्या में भी आकिल और बब्लू खान के अलावा सुभान के साथी छोटे पुत्र सईद, साबिर पुत्र छोटे, फहीम पुत्र नजाकत, रिजवान पुत्र सुलेमान निवासी लाल बाग मुरादाबाद व इमरान तोता उर्फ चच्चू पुत्र अब्दुल रसीद निवासी खालापार किदवई नगर मुजफ्फर नगर भी शामिल थे। इमरान उर्फ तोता पर 50 हजार का इनाम था वो एक व्यापारी की हत्या के साथ ही सहारनपुर मेें स्टेशन पर पुलिस कस्टडी में बंदी की हत्या में वांटेड था।