हरिद्वार स्टेट हाईवे पर कुचावली गांव के पास दो माह पहले हुई अज्ञात महिला की हत्या का पुलिस ने गुरुवार को खुलासा कर दिया। इस हत्याकांड को अंजाम देने वाले आरोपी इम्तियाज को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने पुलिस पूछताछ में कबूला है कि उसने अपने दुश्मनों को फंसाने के लिए अनजान महिला की हत्या की थी। लाश के पास वह अपने दुश्मनों के नाम और मोबाइल नंबर की पर्चियां डालकर फरार हो गया था।
पुलिस अधीक्षक ग्रामीण उदय शंकर सिंह ने बुधवार को खुलासा करते हुए बताया कि 17 अगस्त को सुबह कुचावली गांव के पास एक महिला का शव मिला था। उसके हाथ पैर बंधे हुए थे, जबकि लाश के पास ही कुछ पर्चियां मिलीं थीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला था कि महिला की हत्या की गई थी। पुलिस ने पर्चियों के आधार पर कमालुद्दीन, अली मोहम्मद और इकरार को उठाकर उनसे पूछताछ की, लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लग पाया। इसके बाद पुलिस ने तीनों को छोड़ दिया। शक के घेरे में आए इम्तियाज निवासी बिचुपरी थाना कांठ को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने अपना गुनाह कबूल करते हुए बताया कि दरवाजा लगाने व नाला बनवाने को लेकर उसका गांव के ही कमालुद्दीन से विवाद चल रहा था। इन लोगों को जेल भिजवाने के लिए उसने साजिश रचकर हत्या घटना को अंजाम दिया था। पुलिस ने गुरुवार दोपहर बाद आरोपी को अदालत में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
इस तरह दिया घटना को अंजाम
मुरादाबाद। हत्यारोपी इम्तियाज ने अपने दुश्मनों को फंसाने के लिए मजबूत साजिश रची थी। उसने पहले से ही सब कुछ प्लान कर लिया था। हत्याकांड से दो दिन पहले वह रेलवे स्टेशन पर पहुंचा। यहां उसने एक मानसिक रूप से कमजोर महिला से संपर्क किया और उसे बहला फुसला कर अपने साथ चंदौसी और शाहबाद ले गया। इस क्षेत्र में उसके साढ़ूू रहते हैं। अगर वह पकड़ा भी गया तो उसके मोबाइल की लोकेशन इस क्षेत्र में आएगी। जिसमें उसके साढ़ू भी फंस जाएंगे। यहां उसने महिला को कपड़े व अन्य सामान खरीदवाया। इसके बाद मंद बुद्धि महिला को छजलैट क्षेत्र में ले गया और हत्या कर दी।
अपने ही जाल में फंस गया आरोपी
मुरादाबाद। इम्तियाज उर्फ घोड़ा ने बताया कि छजलैट पुलिस ने पर्चियों के आधार पर कमालुद्दीन, अली मोहम्मद और इकरार को पूछताछ के बाद छोड़ दिया था। इसके बाद आरोपी ने दोबारा योजना बनाई। उसने इस बार अपने अपहरण की साजिश रची। वह अचानक गायब हो गया और अपनी पत्नी से मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र भिजवाया। जिसमें कमालुउद्दीन समेत तीन लोगों पर शक जताया गया। कुछ दिन बाद वह कांठ क्षेत्र में बेहोशी की हालत में मिला। पुलिस उसे थाने ले गई। जहां से अचानक गायब हो गया। तब आरोपी पक्ष के लोगों ने पुलिस को सूचनाएं दीं। पुलिस गांव में पहुंची तो देखा कि इम्तियाज ने अपने मकान की दीवारों पर स्लोगन लिख रखे हैं। जिनके शब्द और मुख्यमंत्री को भेजे गए प्रार्थना पत्र के अलावा शव के पास मिली पर्चियाें की लिखावट का मेल हो रहा था। उसकी हैंड राइटिंग की फोरेंसिक जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट पॉजीटिव आई। इसके बाद पुलिस ने इम्तियाज को पकड़कर उससे पूछताछ की तो सच सामने आ गया।