भारतीय खाद्य निगम में सुरक्षा प्रहरी की भर्ती के लिए रविवार को शहर में साठ केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की गई। जिसमें शामिल होने के लिए कई हजार परीक्षार्थी शहर में आए, इस वजह से जगह जगह जाम लगा। परीक्षा खत्म होने के बाद स्टेशन रोड और लोकोशेड पुल पर वाहनों के पहिए थम गए। दोपहर को करीब ढाई घंटे तक जाम लगा रहा। यातायात पुलिस ने मशक्कत कर जाम खुलवाया, इस दौरान सैकड़ों वाहन सवारों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
शहर में अलग अलग जगहों पर दोपहर 12 बजे के करीब परीक्षा शुरू हुई। इस दौरान अलग अलग जनपद के युवक प्राइवेट वाहन और सवारी वाहनों में सवार होकर शहर में परीक्षा देने आए। साढे़ 11 बजे से ही स्टेशन रोड, बुद्ध बाजार रोड, दिल्ली रोड, मंडी समिति, लोकोशेड पुल, सिविल लाइन में जाम की स्थिति बनी रही । पुलिस की ओर से पीतल नगरी और रोडवेज बस अड्डे के पास पुलिस की तैनाती की गई थी। जिससे की वहां पर जाम से निपटा जा सके। सुरक्षा व्यवस्था के तहत वहां पर कटघर और गलशहीद थाने का पुलिस बल तैनात किया गया था। दोपहर दो बजे परीक्षा समाप्त हुई तो परीक्षार्थियों की भीड़ दोनों बस अड्डों और रेलवे स्टेशन पर पहुंची, जिस वजह से वहां पर जाम लग गया। शहर में अचानक बड़ी संख्या में बाहरी जिलों के वाहनों के आने से भी जाम की स्थिति बन गई। दोपहर को दो से चार बजे तक स्टेशन रोड पर जाम लगा रहा। एसपी यातायात सतीश चंद्र ने बताया कि जाम की समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया था। ज्यादा वाहनों के कारण स्टेशन रोड पर जाम लगा था लेकिन वहां भी वाहन धीरे धीरे चल रहे थे। यातायात पुलिस ने सिविल पुलिस की मदद से जाम खुलवाया है।
कोई लटककर तो कोई शौचालय में खड़े होकर गया
मुरादाबाद। भारतीय खाद्य निगम में सुरक्षा प्रहरियों की परीक्षा छूटते ही मुरादाबाद रोडवेज और रेलवे स्टेशन में हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। ट्रेनों में बैठना तो दूर खड़े होने तक की जगह नहीं मिली। ट्रेनों की मारामारी के बीच सैकड़ों लोग डिब्बों के दरवाजों में लटककर और शौचालयों में खड़े होकर मुरादाबाद से रवाना हुए। बसों के लिए भी मारामारी रही। स्टेशन पर बसें खड़ी होते ही उनमें भीड़ टूट पड़ी।
रविवार को एफसीआई में सुरक्षा प्रहरियों पद के लिए लिखित परीक्षा थी। यहां प्रदेश के कई जिलों से हजारों युवक युवतियां परीक्षा देने पहुंचे। दोपहर में परीक्षा छूटते ही अधिकतर लोग बस और रेलवे स्टेशन पहुंच गए। स्टेशन के बाहर से लेकर अंदर तक भीड़ उमड़ गई। रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर खड़े होने तक की जगह नहीं मिली। ट्रेनों के आने एवं जाने पर धक्का मुक्की के बीच लोग उनमें सवार हुए। सीट के लिए जल्दबाजी में कोई खिड़की से चढ़ता नजर आया तो किसी ने बाहर से ही सीट पर बैग रखा। डिब्बे में चढ़ने के लिए भी मारामारी रही। ट्रेनें खड़ी होते ही पूरी तरह पैक हो गईं। सैकड़ों लोगों ने दरवाजों पर लटककर और शौचालयों में खड़े होकर सफर किया। पूछताछ और टिकट काउंटरों पर भी भीड़ रही। देर रात तक स्टेशनों पर लोग भटकते रहे। बसें भी स्टेशनों से खचाखच भरकर निकली।