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विदेश से सीधे अदालत पहुंचा हत्यारोपी सपा नेता

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मुरादाबाद। पाकबड़ा के बहुचर्चित आरटीआई कार्यकर्ता कासिम हत्याकांड में फरार सपा नेता हारून सैफी विदेश से सीधा अदालत पहुंचा और शनिवार को आत्मसमर्पण कर दिया। दो जिलों की पुलिस हाथ पर हाथ रखकर उसके विदेश से लौटने का इंतजार ही करती रही। अदालत ने हत्यारोपी की जमानत अर्जी खारिज कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। इस मामले में सपा नेत्री अल्का दुबे और दो अन्य आरोपी को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है।
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पाकबड़ा निवासी कासिम सैफी आरटीआई कार्यकर्ता था। 27 दिसंबर 2018 को कासिम अपने घर से तहसील जाने के लिए निकला था। 29 दिसंबर को उसकी गुमशुदगी दर्ज की गई थी। जबकि तीन जनवरी को गुमशुदगी को अपहरण में तरमीम किया गया था। पुलिस ने तफ्तीश करते हुए नौ जनवरी 2019 को विकास चौधरी को गिरफ्तार उसकी निशानदेही पर शामली से कासिम का शव बरामद किया था। पुलिस ने दावा किया था कि पाकबड़ा के पूर्व प्रधान व सपा नेता हारून सैफी ने सपा नेत्री अलका दुबे के जरिये कासिम की हत्या की सुपारी दी थी। 14 जनवरी को पुलिस ने अलका और कुलदीप को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी हारून सैफी उमरा करने सऊदी अरब चला गया था। पुलिस उसके विदेश से लौटने का इंतजार कर रही थी। शनिवार को उसने अपने अधिवक्ता के जरिये मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। अदालत ने सुनवाई करते हुए उसकी जमानत अर्जी दाखिल कर उसे चौदह दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता अजीत सिंह ने बताया कि हत्या के मामले में हारून सैफी ने सरेंडर किया है।


आरोपी पक्ष ने बिजनौर ट्रांसफर करा ली थी जांच
मुरादाबाद। पाकबड़ा पुलिस ने इस हत्याकांड का खुलासा था। पुलिस ने पूर्व प्रधान और उसके परिवार पर भी शिकंजा कसा। लेकिन इसी बीच आरोपी की बेटी ने एडीजी से जांच बिजनौर ट्रांसफर कर ली थी। कासिम के परिजन जांच वापस पाकबड़ा थाने में कराने की मांग कर रहे थे।
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