मुरादाबाद। जेल में बैठ कर शातिर अपराधी अपराध की साजिशें रच रहे हैं। चोरी, लूट, और हत्या जैसे जघन्य अपराध कराए जा रहे हैं। राशन डीलर के पति की हत्या के तार भी सलाखों से जुड़े निकले हैं। इससे पहले भी अपराधियों ने जेल में ही सुपारी लीं और अपने गुर्गों से हत्या करा दी या फिर खुद जमानत पर छूटे और वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस का दावा है कि राशन डीलर के पति सुरेंद्र सिंह की हत्या जेल में बंद पूर्व प्रधान आशीष कुमार ने कराई है। इसके लिए उसने जेल में बंद हिस्ट्रीशीटर अजीत चौधरी से संपर्क किया। अजीत ने अपनी पत्नी के जरिए छोटे भाई को एक लाख 45 लाख रुपये दिलवाए थे। इससे पहले भी कटघर थानाक्षेत्र में करीब छह साल पहले मनोज नाम के युवक की हत्या की साजिश भी जेल में रची गई थी। जेल में बंद दो सगे भाइयों पर आरोप था कि उन्होंने अपने एक दुश्मन को फंसाने के लिए सुपारी देकर हत्या कराई थी। ताकी वह दुश्मन पर दबाव बनाकर हत्या के पुराने केस में समझौता कर लें। इसके अलावा मझोला के जयंतीपुर निवासी इरशाद की हत्या डिलारी क्षेत्र में कर दी गई थी। पुलिस ने दावा किया था कि इरशाद और उसकी पत्नी चोरी के मामले में जेल भेजे गए थे। डिलारी थानाक्षेत्र में रहने वाली एक महिला पहले से जेल में बंद थी। जेल में ही दंपती के बेटे को महिला ने खरीद लिया था। जेल से बाहर आने के बाद दंपती ने अपना बच्चा मुमताज उर्फ पतली को दे दिया था, लेकिन मुमताज ने इरशाद को रकम नहीं दी थी। एक दिन आरोपी महिला ने इरशाद को रुपये देने के बहाने अपने घर बुलाया और अपने भाई व दोस्त के साथ मिलकर इरशाद की हत्या कर दी थी।