जिस पर लड़की ने उन्हें मना कर दिया तो दोनों आरोपियों ने उसकी बेटी को बेहोश करने वाली दवा सूंघा दी और जबरन उठा कर सुनसान स्थान पर ले गए। जहां उन्होंने उसके साथ दुष्कर्म किया साथ ही उसकी वीडियो भी बना ली थी। जिसे इंटरनेट पर डालने की धमकी देकर उसके साथ कई बार दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया। जब छात्रा ने उक्त दोनों की बात मानने से मना कर दिया तो उन्होंने वह वीडियो इंटरनेट पर डाल दी। इंटरनेट पर वीडियो डालने के बाद पीड़िता के पिता को घटना की जानकारी हुई। थाना पुलिस ने दर्ज मुकदमे के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
इस मुकदमे की सुनवाई विशेष पॉक्सो कोर्ट संख्या तृतीय सुभाष सिंह की अदालत में की गई। विशेष लोक अभियोजक अकरम खान एवं एमपी सिंह ने बताया कि मुकदमे में कुल मिलाकर बारह गवाहों ने अपने बयान अदालत में दर्ज कराए। मुकदमे के दूसरे आरोपी करीम अली पुत्र मजहर अली के खिलाफ कोई सबूत नहीं होने के कारण उसे दोष मुक्त कर दिया गया। ताहिर पुत्र लियाकत के खिलाफ पत्रावली पर मौजूद साक्ष्य के आधार पर अदालत ने उसे अपहरण व दुष्कर्म की घटना का दोषी करार देते हुए उसे दस साल कारावास की सजा के साथ-साथ उस पर 75 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।