मुरादाबाद। जिले में पंचायत सहायक/डाटा ऑपरेटर की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन जिले में कई ऐसी ग्राम पंचायतें हैं जहां पंचायत भवनों का निर्माण कार्य अधूरा है। इसके अलावा नई बनीं 61 ग्राम पंचायतों समेत करीब 100 ग्राम पंचायतें ऐसी हैं जहां पंचायत भवन निर्माण के लिए भूमि नहीं मिल पाई है। यही नहीं एक साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पंचायत भवनों का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है।
प्रदेश सरकार गांव की जनता को गांव में ही आय, जाति समेत विभिन्न प्रकार के प्रमाणपत्रों को उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत स्तर पर पंचायत सहायक/डाटा ऑपरेटर की नियुक्ति करने जा रही है। शासन के निर्णय के बाद यहां भी जिले की सभी 643 ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायकों की नियुक्ति का काम तेज कर दिया गया है। अभ्यर्थियों से आवेदन प्राप्त किए जा चुके हैं। इन पंचायत सहायकों का कार्यालय ग्राम पंचायत के पंचायत भवन में ही बनाने के निर्देश हैं। लेकिन जिले में इस योजना का अभी लाभ मिल पाना दूर की कौड़ी साबित हो सकता है। वजह यह है कि करीब 100 ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन निर्माण के लिए भूमि ही खोजे नहीं मिल पा रही है।
पंचायत चुनाव से पहले जिले में 584 ग्राम पंचायतें थीं। इनमें से कुछ के पंचायत भवनों की दशा ठीक थी, तो तमाम ऐसे थे जिनके स्थान पर नए पंचायत भवनों का निर्माण किया जाना जरूरी हो गया था। ऐसे में शासन के निर्देश पर जिले की 413 ग्राम पंचायतों में नए पंचायत भवनों का निर्माण कराने का आदेश जुलाई 2020 में आया।
इन भवनों का निर्माण नवंबर 2020 में हो जाना चाहिए था, लेकिन पंचायत विभाग के अधिकारियों की लापरवाही व कोरोना काल के चलते यह निर्माण कार्य लटकता चला गया। इसी बीच नए परिसीमन के बाद जिले में ग्राम पंचायतों की संख्या बढ़कर 643 हो गई। इसके चलते पंचायती राज विभाग के अधिकारियों की मुश्किलें यहां और बढ़ गईं।
हालात यह हैं कि 100 ग्राम पंचायतों में प्रशासन को ढूंढे से भी सरकारी जमीन नहीं मिल पा रही है। एक साल बाद भी सिर्फ 170 ग्राम पंचायतों में ही पंचायत भवनों का निर्माण कार्य पूरा हो सका है। अन्य स्थानों पर निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि अगर पंचायत सहायकों की नियुक्ति हो भी जाती है तो पंचायत भवन का निर्माण न होने के कारण वह अपना कार्यालय कहा बनाएंगे।
विभाग को दानी की तलाश
जिन ग्राम पंचायतों में सरकारी जमीन अभी तक नहीं मिल सकी है, उसमें पंचायती राज विभाग दान की जमीन में पंचायत भवन का निर्माण कराने के प्रयास में जुटा है। हालांकि पिछले एक साल में इसके लिए कुल तीन लोग ही आगे आ सके हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक प्रियदर्शी ने ग्राम पंचायतों के लोगों से पंचायत भवन निर्माण के लिए भूमि दान करने का आह्वान किया है।
यह सही है कि पंचायत भवन का निर्माण कार्य जिले में काफी धीमी गति से चल रहा है। अब इसमें तेजी लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। दो अक्तूबर तक का लक्ष्य निर्धारित कर कार्य किया जा रहा है। इस अवधि में जो ग्राम पंचायतें शेष रह गईं हैं, उनमें भी पंचायत भवनों का निर्माण कराने का हर संभव प्रयास किया जाएगा। -आलोक प्रियदर्शी, डीपीआरओ