क्यों जरूरी है राजकीय इंटर कॉलेज
फतेहपुर विश्नोई की जनसंख्या - पांच हजार अनुमानित
विद्यालय - कक्षा आठ तक के दो सरकारी विद्यालय
राजकीय इंटर कॉलेजों की दूरी- पाकबड़ा-14 किलोमीटर, मानपुर मुजफ्फरपुर - 14.1 किमी, मुरादाबाद- 18 किलोमीटर
दो सरकारी जमीनें जिसमें से किसी एक पर जीआईसी बनाने की योजना है - लगभग 28 बीघा, लगभग 70 बीघा
क्रासर...
अमर उजाला की मुहिम पर प्रशासन ने तेज की कवायद, जल्द बनेगा प्रस्ताव
डीएम के आदेश पर प्रशासनिक अफसर कर चुके गांव का दौरा
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। अमर उजाला द्वारा फतेहपुर विश्नोई में बेटियों के लिए कॉलेज न होने का मुद्दा शिद्दत के साथ उठाया गया। हमारी इस मुहिम से न केवल ग्रामीण जुड़े बल्कि आसपास के लोग भी संग हो लिए। प्रशासन तक मामला पहुंचा। ग्रामीण अपनी आवाज बुलंद करने को कलक्ट्रेट तक आ गए। प्रशासन ने भी इसे गंभीरता से लिया और गांव में कॉलेज खोलने की कागजी कवायद तेज कर दी। प्रशासनिक अफसरों ने गांव का दौरा किया। अब यह तय हो गया है कि गांव में सीएम माॅडल कंपोजिट विद्यालय खुलेगा। प्रशासन ने भूमि की तलाश शुरू कर दी है। पहले यहां जीआईसी खोलने की योजना थी।
कांठ तहसील के ग्राम फतेहपुर विश्नोई में सीएम कंपोजिट विद्यालय की स्थापना की राह अब पूरी तरह से साफ होती नजर आ रही है। ग्रामीणों के जनआंदोलन और डीएम के सख्त आदेशों के बाद प्रशासन ने विद्यालय निर्माण की कागजी कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में कांठ के एसडीएम मयंक कुंदु ने ग्राम प्रधान फतेहपुर विश्नोई से विद्यालय निर्माण के लिए भूमि का आधिकारिक प्रस्ताव मांग लिया है। ग्राम प्रशासक ने बताया कि प्रस्ताव लगभग बनकर तैयार हो गया है। एक बार कागजों का सत्यापन हो जाए तो उसे अंतिम रूप देकर एसडीएम के समक्ष प्रस्तुत कर दिया जाएगा।
डीएम कार्यालय के निर्देश मिलने के बाद अब तहसील स्तर पर प्रक्रिया तेजी से शुरू हो गई है। एसडीएम मयंक कुंदु ने ग्राम प्रशासक से ग्राम समाज की भूमि का प्रस्ताव मांगा है, जो गांव में सीएम कंपोजिट विद्यालय के निर्माण के लिए पर्याप्त और उपयुक्त है। ग्राम पंचायत द्वारा इस भूमि को शिक्षा विभाग को हस्तांतरित करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। गौरतलब है कि फतेहपुर विश्नोई के 14 किलोमीटर के दायरे में कोई भी राजकीय इंटर कॉलेज नहीं है। ग्रामीणाें का आरोप है कि शिक्षा विभाग द्वारा बिना भौतिक सत्यापन के 7-10 किमी की आख्या लगाकर विद्यालय की फाइल रोक दी गई थी। दूरी अधिक होने के कारण गांव की 70 से अधिक बेटियों को आठवीं तथा दसवीं कक्षा के बाद मजबूरी में पढ़ाई छोड़नी पड़ी, वहीं 41 मेधावी बच्चों की एनएमएमएस (राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति) छात्रवृत्ति भी सरकारी स्कूल न होने से छिन गई। इसके विरोध में बीते दिनों सौ से अधिक बच्चों और अभिभावकों ने डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया था। डीएम के आदेश पर जांच अधिकारी शाने आजम ने घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन किया। लगभग तीन सौ ग्रामीणों, अभिभावकों और विद्यार्थियों ने राजकीय इंटर कॉलेज न होने की वजह से पढ़ाई छूटने की बेबसी बयां की थी। बच्चों ने हाथ जोड़कर अधिकारी से अनुरोध किया था कि 14 किलोमीटर स्कूल होने की वजह से पढ़ाई छूट रही है। इसलिए गांव में राजकीय इंटर कॉलेज बनना चाहिए, ताकि किसी बच्चे खासकर किसी बेटी की पढ़ाई न छूट सके। इसके बाद जांच अधिकारी ने पूर्ण सकारात्मक रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी थी।
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- गांव में करीब 24 करोड़ की लागत से सीएम कंपोजिट विद्यालय का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है। उम्मीद है कि जल्द ही शासन से सीएम कंपोजिट विद्यालय के लिए स्वीकृति मिल जाएगी। - अनुनय झा, डीएम
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ग्राम प्रधान को शनिवार को विद्यालय निर्माण संबंधी प्रस्ताव के कागज उपलब्ध करवा दिए हैं। हालांकि जो भूमि है, उस पर स्टे है। मामले में पहल की जाएगी ताकि जमीन फ्री होल्ड होकर सरकार के हक में आ जाएगा और विद्यालय निर्माण हो सके।
संजीव सागर, लेखपाल
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एसडीएम ने हमसे जीआईसी के निर्माण के लिए प्रस्ताव मांगा है। हमारा प्रस्ताव लगभग तैयार हो गया है। सिर्फ जमीन की स्पष्टता की मुहर लगना बाकी है। उसके तुरंत बाद अधिकारियों को प्रस्ताव उपलब्ध करवा दिया जाएगा।
वैशाली, ग्राम प्रशासक, फतेहपुर विश्नोई