पेटीएम, भीम ऐप, फोन पे जैसे कई एप्लीकेशन के जरिए आनलाइन भुगतान में क्यूआर कोड का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन अब इसी क्यूआर कोड को स्कैन कर ठगी भी की जाने लगी है। इसका खुलासा ठाकुरद्वारा के युवक के साथ हुई साइबर ठगी की वारदात की जांच के दौरान साइबर सेल ने किया है।
इसके साथ ही लोगों से अपील की है कि इस तरह से ठगी की अन्य वारदातें भी हो सकती हैं। लिहाजा सावधानी बरतें और क्यूआर कोड को स्कैन करने से पहले अच्छी तरह से ये जांच लें कि क्यूआर कोड रकम देने के लिए या लेने के लिए भेजा गया है। क्योंकि इसमें लापरवाही करने वाला व्यक्ति ठगी की वारदात का शिकार हो सकता है।
ठाकुरद्वारा में रहने वाले प्रशांत ने सात दिन पहले ओएलएक्स पर एक कार बेचने का सौदा तय किया। इस दौरान कार खरीदने के लिए भुगतान करने के बहाने उनके पास क्यूआर कोड भेजा गया।
प्रशांत ने समझा कि क्यूआर कोड को स्कैन करने से उनके खाते में रुपये आ जाएंगे लेकिन ऐसा करने के बाद ओटीपी नंबर डालते ही उनके खाते से 40 हजार रुपये उड़ गए।