राज्य विश्वविद्यालय की चहारदीवारी के पिलर लगाने के बाद ले आउट को संशोधित किया गया है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने संशोधित ले आउट की रिपोर्ट क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी को भेज दी है। वहीं, मंडलायुक्त के निर्देश पर लोनिवि के अभियंता अगस्त से यूनिवर्सिटी का निर्माण कार्य तेजी से करने के लिए तैयार हो गए हैं।
राज्य विश्वविद्यालय के निर्धारित की गई जमीन में से ढाई हेक्टेयर जमीन पट्टे पर दी गई है। डीएम अनुज सिंह ने बताया कि पट्टे को निरस्त कराने के लिए विधिक कार्यवाही की जा रही है। विश्वविद्यालय निर्माण के लिए 47.5 एकड़ जमीन सरकारी है।
इस कारण निर्माण में बाधा नहीं आएगी। हरदासपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरु जंभेश्वर राज्य विश्वविद्यालय का शिलान्यास लोकसभा चुनाव से पहले ही कर चुके हैं।
पीडब्ल्यूडी ने राज्य विश्वविद्यालय के लिए 299 करोड़ का एस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा था। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद 121.33 करोड़ का टेंडर पास हो गया। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता आरबी सिंह का कहना है कि डिजायन और अन्य कार्यों को जोड़ने पर फिलहाल लागत 169.58 करोड़ आ रही है।
मेरठ की आरसीसी डेवलपर कंपनी विश्वविद्यालय का निर्माण करने जा रही है। निर्माण के लिए डिजायन पीडब्ल्यूडी के नियोजन विभाग ने तैयार किया है।
पीडब्ल्यूडी के अभियंता ने बताया कि राज्य विश्वविद्यालय में विभिन्न संकायों के साथ कुलपति और चीफ प्राक्टर के आवास परिसर के अंदर ही रहेंगे। छात्र - छात्राओं की सुविधा के लिए हाल भी बनाए जाएंगे।
राज्य विश्वविद्यालय का निर्माण मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाले कार्यों में है। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता को निर्देश दिए हैं कि समय से कार्य नहीं होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सिर्फ पत्राचार से काम नहीं होगा। - आंजनेय कुमार सिंह, मंडलायुक्त