पिछले वर्ष के मुकाबले घट गया परिणाम
पिछली बार जिले में 86.14 प्रतिशत विद्यार्थी पास हुए थे। इनमें 10वीं का पास प्रतिशत 90.86 था, जबकि 12वीं का पास प्रतिशत 80.39 था। इस वर्ष जिले में 85.07 प्रतिशत विद्यार्थी पास हुए हैं। इनमें 10वीं का पास प्रतिशत 91.83 है, जबकि 12वीं का पास प्रतिशत 78.32 है। कुल मिलाकर देखा जाए तो 10वीं का पास प्रतिशत बढ़ा है लेकिन ओवरऑल परिणाम में पास प्रतिशत में कमी आई है।
दादी के सपने को पूरा करने की कोशिश में बने मंडल टॉपर
मैंने शिरडी साईं पब्लिक स्कूल से कक्षा 10 में 99.2 अंक प्राप्त किए हैं। मेरी दादी सुदेश अग्रवाल का परीक्षा से 24 दिन देहांत हो गया था। मुझे उनसे बेहद लगाव था। दादी की मौत होने से पढ़ाई डगमगा गई थी, लेकिन हर दिन दादी की बातें याद आती थीं। जब मैं उनके पास बैठकर पढ़ता तो वह कहती थीं कि बेटा तू नाम रोशन करेगा।
उनके सपने के कारण ही मैं 99.2 प्रतिशत अंक ला पाया हूं। पढ़ाई के दौरान मेरे शिक्षकों और माता-िपता ने बहुत यहयोग किया, अन्यथा मैं दादी की मौत के बाद डिप्रेशन में चला जाता। मेरा सपना आईआईटी से पढ़कर इंजीनियर बनने का है।
मेरे इस सपने व दादी की बातों को हथियार बनाकर घरवालों ने हौसलाफजाई की। इसके अलावा सोशल मीडिया पर मैंने कभी समय बर्बाद नहीं किया। यूट्यूब से पढ़ाई के लिए थोड़ी मदद ली। स्कूल के बाद अपनी पढ़ाई को चार से पांच घंटे का समय देता था। मेरा मानना है कि सेल्फ स्टडी और रीविजन ही सबसे मददगार होते हैं।
प्रशासनिक अधिकारी या जज बनना कोहाना का है सपना
गौर ग्रेशियस निवासी कोहाना सिंह कहती हैं कि मैंने शिरडी साईं पब्लिक स्कूल से कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षा में 98 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। एकाउंट्स में 97, इकोनॉमिक्स में 98, बिजनेस में 99, अंग्रेजी में 97 व फाइन आर्ट्स में 100 में से 100 अंक मिले हैं।
मेरे पिता देवेंद्र सिंह व्यापारी हैं और मां डॉ. ममता सिंह समाजशास्त्र की प्रोफेसर हैं।मेरी बड़ी बहन ने लॉ किया और अब वह ज्यूडिशरी की तैयारी कर रही हैं। मैं भी उनसे प्रेरित हूं। प्रशासनिक अधिकारी या जज बनना मेरा सपना है। दोनों के लिए मेहनत करूंगी।
12वीं के बाद लॉ की पढ़ाई करने का निर्णय लिया है। 12वीं की तैयारी के दौरान एक समय लगा कि मैं नहीं कर पाऊंगी, तब माता-पिता ने मेरा भरपूर सहयोग किया। प्री-बोर्ड के दौरान हताश होने लगी थी लेकिन माता-पिता से मिले हौसले के कारण इतने अंक ला पाई।
जबकि कक्षा 10 में मैंने सिर्फ 87 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। 12वीं की तैयारी के दौरान मैंने शुरू से पढ़ाई की और रीविजन नहीं छोड़ा। इसी से सफलता मिली। स्कूल के बाद मैं चार घंटे सेल्फ स्टडी करती थी। सोशल मीडिया से बिल्कुल दूर रही।
देहरादून रीजन की ओर से जारी सूची में शामिल मेधावी
विद्यार्थी का नाम कक्षा प्रतिशत स्कूल
सार्थक अग्रवाल 10 99.2 शिरडी साईं पब्लिक स्कूल
पारुल सिंह 10 98.8 आर्यंस इंटरनेशनल स्कूल
अनंत अग्रवाल 10 98.8 सीएल गुप्ता वर्ल्ड स्कूल
आध्या टंडन 10 98.8 शिरडी साईं वर्ल्ड स्कूल
अरिमा झा 10 98.6 शिरडी साईं वर्ल्ड स्कूल
कोहाना सिंह 12 98 शिरडी साईं पब्लिक स्कूल