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CBSE Result 2024: तनाव ने घेरा तो हारे नहीं, माता-पिता से की बात... मेहनत कर पाई सफलता

Tue, 14 May 2024 04:04 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

सीबीएसई ने हाईस्कूल और इंटर का रिजल्ट जारी कर दिया। मेधावियों ने बताया कि परीक्षा से पहले की तैयारी के दौरान उन्हें भी तनाव का सामना करना पड़ा था। माता-पिता से बात कर इसे दूर किया और मेहनत कर बेहतर अंक पाए। 
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परीक्षा परिणाम आने के बाद चहके छात्र-छात्राएं - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सीबीएसई की तरफ से 10वीं और 12वीं का रिजल्ट जारी कर दिया गया है। बेहतर अंक पाकर मेधावी जिले से लेकर देहरादून रीजन में चमक रहे हैं। इन्हें परीक्षा से पहले तैयारी के दौरान तनाव का सामना करना पड़ा था। किसी की दादी परीक्षा से पहले दिवंगत हो गईं तो किसी को अंकों के लेकर काफी चिंता होने लगी।

इसके बावजूद इन्होंने तनाव के आगे घुटने नहीं टेके। मेधावियों ने अपने माता-पिता से बात की जोकि इनके लिए सबसे अच्छे मोटिवेशनल स्पीकर साबित हुए। माता-पिता ने कहा कि अंक बहुत महत्वपूर्ण हैं लेकिन तुमसे ज्यादा नहीं।

अपनी तैयारी पर भरोसा रखो और जो अब तक पढ़ा है उसके मुताबिक बिना डरे परीक्षा में बैठो। कुछ अभिभावकों ने अपने विद्यार्थी जीवन के किस्से साझा कर बच्चों का मार्गदर्शन किया। इनकी मेहनत रंग लाई और परिणाम सामने आया तो खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मेधावियों ने भी सफलता का श्रेय माता-पिता को दिया है।

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अनंत को मिठाई खिलाते माता-पिता - फोटो : अमर उजाला

रोजाना पांच घंटे सेेल्फ स्टडी ने दिलाई अनंत को सफलता 
मैं सीएल गुप्ता वर्ल्ड स्कूल का छात्र हूं। मैंने 10वीं कक्षा में 98.8 प्रतिशत अंक पाए हैं। मैं साईं गार्डन में रहता हूं। भविष्य में चार्टर्ड अकाउंटेंट बनना चाहता हूं। शिक्षकों के द्वारा बताई जाने वाली हर छोटी-बड़ी बात को मैं ध्यान से सुनता था। इसके अलावा घर पर नियमित पढ़ाई की, उसी का परिणाम है कि इतने अच्छे नंबर मिले हैं।

परीक्षा से पहले ही मैंने पूरे कोर्स का रिवीजन कर लिया था। रोज पांच घंटे पढ़ाई करता था। इसके अलावा ट्यूशन का सहारा लिया था। सबसे अधिक अंग्रेजी में 100 में से 100 अंक मिले हैं। जैसे-जैसे परीक्षा नजदीक आती गई मैंने फोन से दूरी बना ली।

परीक्षा को लेकर तनाव होता था तो मैं अपने माता पिता से बात करता था। इसके अलावा गेम्स खेलता था। इन दोनों चीजों से काफी हिम्मत मिलती थी। वर्तमान में मैं अकाउंट्स का ट्यूशन ले रहा हूं। पिता मोहित अग्रवाल व्यापारी हैं और माता मेघा अग्रवाल इंटीरियर डिजाइनर का शोरूम चलाती हैं।

अरिमा का मुंह मीठा करवाते परिजन - फोटो : अमर उजाला

माता-पिता की तरह डॉक्टर बनना है अरिमा का सपना 
मैं देव विहार कॉलोनी में रहती हूं और शिरडी साईं पब्लिक स्कूल की छात्रा हूं। मैंने 10वीं की परीक्षा में 98.6 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। परीक्षा का परिणाम आने के बाद काफी उत्साहित हूं। मां डॉ. रश्मि लता और डॉ. अतुल नाथ दोनों चिकित्सक हैं। मैं भी मां-पापा की तरह डॉक्टर बनना चाहती हूं।

12वीं में मैंने विज्ञान विषय चुना है। इसके बाद नीट की तैयारी करूंगी। तैयारी के लिए स्कूल के बाद ट्यूशन लिया था। सोशल मीडिया से दूरी बना ली थी। पढ़ाई के दौरान तनाव होता था तो मा-पापा से बात करती थी। वह मुझे मोटिवेट करते थे।  

मैंने गणित और सामाजिक विज्ञान में 100 में से 100 अंक हासिल किए हैं। परीक्षा के समय माता-पिता ने हमेशा हौसला बढ़ाया। माता-पिता का कहना है कि लगन से पढ़ाई करने पर कुछ भी हासिल किया जा सकता है। दोनों ने कभी किसी विषय के लिए दबाव नहीं बनाया। सफलता के लिए समय का सदुपयोग करते हुए खुद पर नियंत्रण रखना बहुत जरूरी है। 

आध्या की खुशी में शामिल माता-पिता - फोटो : अमर उजाला

अच्छे अंक लाने के लिए पूरे साल नहीं देखा टीवी : आध्या 
मैंने कक्षा 10वीं में शिरडी साईं स्कूल से 98.8 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। मेरी मां विदुषी टंडन गृहणी और पिता डॉ. मोहित टंडन पेशे से डॉक्टर हैं। स्कूल और ट्यूशन के अलावा रोजाना मैं चार घंटे खुद पढ़ाई करती थी। अच्छे अंक लाने के लिए मैंने पूरे साल टीवी नहीं देखी और न ही सोशल मीडिया का उपयोग किया। 

अध्यापकों और अभिभावकों के सहयोग से मैं बेहतर तैयारी कर पाई। सेल्फ स्टडी पर पूरा ध्यान दिया। जब भी कभी तनाव महसूस होता था तो माता-पिता से बताती थी। उनका बातों से मुझे काफी हिम्मत मिलती थी।

मुझे गणित और हिंदी में 100 में से 100 अंक मिले हैं। मेरे पिता मोहित टंडन डॉक्टर हैं, मैं भी उनकी तरह बनना चाहती हूं। इसलिए 11वीं से ही नीट की तैयारी शुरू कर दूंगी। मैं डॉक्टर बनकर अपने माता-पिता का सपना पूरा करना चाहती हूं।

मां शिक्षक और पिता इंजीनियर... आईएएस बनना चाहती हैं पारुल
मैं खुशहालपुर की बसंत विहार कॉलोनी में रहती हूं। मेरे पिता हरिराज सिंह लोक निर्माण विभाग में इंजीनियर हैं और मां प्रेमलता बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक हैं। मैंने आर्यंस इंटरनेशनस स्कूल से कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षाओं में 98.8 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। 

अंग्रेजी में 98, विज्ञान में 98, गणित में 99, सोशल साइंस में 100 व हिंदी में 99 अंक प्राप्त किए हैं। सोशल साइंस मेरा पसंदीदा विषय है, हालांकि 12वीं के लिए मैंने विज्ञान विषय का चुनाव किया है। 12वीं के बाद सिविल सर्विसेज के लिए तैयारी करूंगी। मेरा सपना आईएएस अधिकारी बनना है।

12वीं में मैंने पहले दिन से अपनी पढ़ाई को प्राथमिकता दी। सुबह जल्दी उठती थी। इसके बाद स्कूल से आकर देर रात तक सेल्फ स्टडी करती थी। पढ़ना मुझे अच्छा लगता है। परीक्षा से छोड़ा पहले तनाव हावी हुआ लेकिन मां-पापा ने हौसला दिया कि तैयारी की है तो डरना कैसा। इससे काफी हिम्मत मिली और मैं इतने अंक ला पाई। अब्दुल कलाम मेरे आदर्श हैं। मैं उनकी तरह नाम कमाना चाहती हूं।

पास होने में बेटियां एक-दो नहीं... नौ कदम आगे
पास होने के मामले में बेटों की तुलना में बेटियां एक-दो नहीं पूरी नौ कदम आगे हैं। जिले में इस बार सीबीएसई 10वीं व 12वीं में मिलाकर 80.44 प्रतिशत लड़के पास हुए हैं। जबकि 10वीं व 12वीं में मिलाकर लड़कियों का पास प्रतिशत 89.60 है।

यदि 10वीं व 12वीं की अलग अलग तुलना करें तो पास होने के मामले में 10वीं में बेटियां चार प्रतिशत व 12वीं में 15 प्रतिशत से आगे हैं। 10वीं में लड़कों का पास प्रतिशत 90.03 है, जबकि 94.07 प्रतिशत लड़कियां पास हुई हैं। वहीं 12वीं में 70.86 प्रतिशत लड़के और 85.14 प्रतिशत लड़कियां पास हुई हैं।

यह पहली बार नहीं है, पिछले वर्ष भी 12वीं में बेटियों का पास प्रतिशत बेटों से 10 प्रतिशत ज्यादा था। आगे की पढ़ाई को लेकर मेधावियों से बात की गई तो ज्यादातर लड़कों ने आईआईटी से पढ़कर इंजीनियर बनने की इच्छा व्यक्त की।

जबकि होनहार बेटियां माता-पिता की तरह डॉक्टर या प्रशासनिक अधिकारी बनना चाहती हैं। कुछ ने 10वीं कक्षा में पास होने के बाद अपने करिअर को लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी है। इन विद्यार्थियों में एक बात कॉमन है कि इन्होंने सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखी, जोकि इनकी सफलता का बड़ा कारण है। 

बोर्ड ने जारी नहीं की मेरिट 
परिणाम देखने के बाद विद्यार्थियों, अभिभावकों व शिक्षकों में सबसे ज्यादा उत्सुकता जिले की मेरिट को लेकर थी। विद्यार्थी जिले की मेरिट में अपना स्थान जानना चाहते थे। हालांकि बोर्ड ने जिला स्तरीय मेरिट सूची जारी नहीं की। इसकी वजह से विद्यार्थियों को मायूसी हुई।

हालांकि देहरादून रीजन द्वारा जारी एक सूची के जरिये यह पहचान हो सकी कि मुरादाबाद, रामपुर, संभल, बिजनौर, अमरोहा, मुजफ्फरनगर व सहारनपुर में कौन विद्यार्थी अव्वल हैं। विद्यार्थियों का कहना था कि यदि बोर्ड सूची जारी करता तो उसकी खुशी अलग होती।

जिले में स्थान प्राप्त करना अपने आप में गौरव की अनुभूति देने वाला पल होता है। देहरादून रीजन मुख्यालय के मुताबिक मुरादाबाद में 10वीं में सार्थक अग्रवाल व 12वीं में कोहाना सिंह के सर्वाधिक अंक हैं।

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10वीं में मंडल के जिलों का प्रदर्शन
जिला     पंजीकरण        परीक्षा दी      उत्तीर्ण        फीसदी
अमरोहा        3146       3126         2947         94.27
रामपुर          3949          3931         3618       92.04
मुरादाबाद       5333         5287        4855         91.83
बिजनौर      7756          7715          6731         87.25
संभल         2607          2592         2250        86.81

12वीं में मंडल के जिलों का प्रदर्शन
जिला        पंजीकरण        परीक्षा दी      उत्तीर्ण        फीसदी
रामपुर          3304          3245         2715       83.67
मुरादाबाद       4118         4073        3190         78.32
अमरोहा        2462       2433         1888         77.60
बिजनौर      6729          6634         5144         77.54
संभल         2238          2211         1668        75.44

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