कांठ। क्षेत्र में तेंदुओं की दहशत बरकरार है। छजलैट के रामनगर उर्फ रम्पुरा में बार-बार तेंदुओं की गतिविधि को देखते हुए वन विभाग ने बुधवार की शाम क्षेत्र के गांव पचोकरा में लगे पिंजरे को हटाकर रम्पुरा में लगाया है। क्षेत्र में आठ स्थानों पर पिंजरे लगे हुए हैं।
कांठ तहसील क्षेत्र में तेंदुओं की अधिक संख्या होने के कारण वन विभाग ने क्षेत्र को तेंदुआ बाहुल्य घोषित किया हुआ है। छह महीने में कांठ और छजलैट क्षेत्र में तेंदुओं के हमलों में अब तक 13-14 लोग घायल भी हो चुके हैं। वहीं वन विभाग की टीम विभिन्न स्थानों से रेस्क्यू कर अब तक 14 तेंदुओं को पकड़ भी चुकी है। लेकिन इसके बाद भी लगातार क्षेत्र में तेंदुओं की गतिविधि दिखाई दे रहे हैं।
एक सप्ताह पहले छजलैट के रामनगर उर्फ रम्पुरा में तेंदुआ तहसील बार एसोसिएशन कांठ के अध्यक्ष चौधरी चरन सिंह ढाका और उनके भाई संजीव कुमार के नलकूप पर तेंदुआ बैठा दिखाई दिया था। इसके बाद यहीं पर तेंदुआ गोशाला के पास भी दिखाई दिया था। ग्रामीणों के अनुसार बार-बार तेंदुए की गतिविधि दिखाई देने पर उन्होंने वन विभाग ने पिंजरा लगवाने की मांग की थी। जिस पर बुधवार की शाम विभाग ने पचोकरा से हटाकर रम्पुरा में पिंजरा लगाया है।
डिप्टी रेंजर पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि इसके अलावा दयानाथपुर, दरियापुर, भरतपुर, रामसराय भंकरी, सीमला, पाठंगी और अहमदपुर निंगू नंगला में भी पिंजरे लगे हुए हैं। जिनकी प्रतिदिन निगरानी भी की जा रही है। उन्होंने क्षेत्र के लोगों से अपील की है कि तेंदुओं की मौजूदगी को लेकर वह सतर्क रहें और खेतों या जंगलों में अकेले न जाएं। साथ ही लगे हुए पिंजरों से कोई भी छेड़खानी न करें।