नाबालिग से रेप के करीब पांच साल पुराने मामले में अदालत ने दो अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए दोनों को दस - दस साल कैद और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। सजा सुनाए जाने के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया। बलात्कार में सजा पाए दोनों लोग आपस में साले बहनोई हैं।
मूंढापांडे थाना क्षेत्र के एक गांव में नाबालिग लड़की के साथ रेप की यह घटना 31 मई 2010 को हुई थी। पीड़िता के पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसी के गांव के उस्मान पुत्र रियासत और उसका बहनोई मोहम्मद रफीक पुत्र मोहम्मद अली निवासी मानपुरा थाना भगतपुर उसकी नाबालिग बेटी का अपहरण कर ले गए थे।
पीड़िता ने बरामदगी के बाद बयान दिया था कि दोनों उसका अपहरण कर खेत में ले गए थे जहां दोनों ने उसके साथ बलात्कार किया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करके दोनों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। अदालत में बचाव पक्ष ने कहा कि उस्मान और पीड़िता के बीच प्रेम प्रसंग था।
वह अपने परिवार को खाने में नशीली गोलियां खिलाकर बेहोश कर दुपट्टे के सहारे छत से उतरकर खुद खेत की ओर आई थी। बाद में उसी रात वह घर भी चली गई थी। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद एफटीसी द्वितीय मनोज अग्रवाल ने आरोपियों को दोषी करार दिया। एडीजीसी विनोद कुमार सिंह ने बताया कि दोनों दोषियों को 10-10 साल की कैद और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है।