भाकियू अराजनैतिक ने गन्ना मूल्य, चकबंदी सहित अन्य समस्याओं को लेकर कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। किसानों ने डीएम से शीघ्र समस्याओं का निस्तारण करने की मांग की है।
भाकियू अराजनैतिक के नेताओं ने आरोप लगाया कि तहसील ठाकुरद्वारा के गांव रोशनपुर में हुई चकबंदी में अनियमितता बरती गई है। इस मामले में जिला प्रशासन को तत्काल जांच कर पहले की गई कार्रवाई को निरस्त करना होगा। इसके अलावा जिले की चीनी मिलें किसानों के गन्ने मूल्य का भुगतान नहीं कर रही हैं। क्रय केंद्रों पर गन्ना घटतौली जारी है। कुछ स्थानों पर अवैध ढंग से गन्ने की खरीद हो रही है। इस मामले मेें प्रतिदिन गन्ने का इंडेंट करना चाहिए। कांठ के बिजलीघर छज्जानाला का निर्माण लगभग 4 वर्ष पहले हुआ था लेकिन यहां से बिजली मिलने का कोई शेड्यूल नहीं है। जिसकी वजह से किसानों को सिंचाई करने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। कुंदरकी गांव के ग्राम गैतिया फिरोजपुर से जैतिमा सादुल्लापुर मार्ग स्थित गांगन नदी पर पुल प्रस्तावित है। इसका निर्माण शीघ्र कराया जाना चाहिए। लेखपालों द्वारा खतौनियों में किसानों के हिस्सेदारी गलत खोल दिए हैं। घर बैठकर ही कार्य कर दिए कराने के नाम पर रिश्वत ली जा रही है। इसकी जांच कराकर प्रशासन को कार्यवाही करना होगा। कांठ से निकलने वाले पानी से किसानों की हजारों बीघा कृषि भूमि बर्बाद हो रही है। इस क्षेत्र के किसान भुखमरी की कगार पर हैं। इस मामले में पक्का नाले का निर्माण कर सुंदरी नदी में पानी पहुंचाना होगा।
खनन धड़ल्ले से होने का आरोप
भाकियू ने आरोप लगाया कि जिले में धड़ल्ले से खनन जारी है। कांठ में बेरोक टोक ट्रैक्टर और डंपर चल रहे हैं। स्थानीय अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं। इस पर जिला प्रशासन को रोक लगाना होगा। भट्ठों पर ईंट बनाने वाली मशीन रोड पर मिट्टी गिरा दे रही हैं। इस कारण रोड पर दुर्घटनाएं हो रही हैं। इन सभी मामलों में भाकियू अराजनैतिक की अध्यक्षता में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। किसान नेताओं ने अपनी मांगों के संबंध में डीएम कार्यालय में ज्ञापन दिया है। इस दौरान जिलाध्यक्ष चौधरी सतीश कुमार, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह रंधावा, जितेंद्र बिश्नोई जीतू, हाजी इमरान, गुड्डू घोसी, सचिन सैनी, नितिन विश्नोई, बलराम सिंह चौहान आदि किसान नेता मौजूद थे।