सपा की पूर्व सांसद और वर्तमान में भाजपा नेता जयाप्रदा ने कहा है कि जब मैं सांसद थी तो मेरे रामपुर आने पर अघोषित रोक लगा दी गई थी। मुझे मुरादाबाद में रुकना पड़ता था। अब सांसद आजम खां रामपुर से भागे हुए हैं। उन्होंने कहा कि जो जैसे बोएगा वैसा ही काटेगा। उन पर जो रिपोर्ट दर्ज हुई हैं उससे अहसास है कि क्या किया है। लोगों को कितना परेशान किया है, अधिकारियों का कितना अपमान किया है, औरतों पर नजर कैसा है यह संसद में देखा है। ये फिर से सम्मान नहीं पा सकते।
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सोमवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव कह रहे हैं कि सपा की सरकार आने की स्थिति में आजम खां पर दर्ज मुकदमें वापस ले लिए जाएंगे। लेकिन यह तो सपना है अखिलेश यादव दोबारा प्रदेश के मुख्यमंत्री बन पाएंगे। मैं उन्हें याद दिलाना चाहती हूं कि जब उनकी सरकार थी उस समय जब मैं सपा में थी तो मुझे न्याय नहीं मिला। जब एआरटीओ ने गाड़ी से बत्ती उतारी ऑफिस में घुसकर और लाल बत्ती का बहाना बनाकर मुझे जेल भेजने की कोशिश की गई तो अखिलेश जी को जयाप्रदा की याद नहीं आई और बचाने नहीं आए। आजम खां ने कई बार मुझ पर हमला करवाया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस और सपा के बीच अघोषित गठबंधन है। रामपुर में कांग्रेस के कुछ नेता आजम के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं तो उनकी पार्टी के बड़े नेता उनको अखिलेश का साथ देने को कह रहे हैं। पूर्व सांसद ने कहा कि आजम के साथ-साथ अखिलेश को भी गरीबों की आंसुओं का हिसाब देना पड़ेगा।