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भाजपा जिलाध्यक्ष नागर ने अश्लील वीडियो बताया कूटरचित, दर्ज कराई एफआईआर

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जिले में भाजपा के एक पदाधिकारी की बताकर अश्लील वीडियो वायरल करने का मामला पुलिस तक पहुंच गया है। भाजपा के जिलाध्यक्ष ऋषिपाल नागर ने मीडिया संस्थानों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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पुलिस को दी गई तहरीर में भाजपा जिलाध्यक्ष ने बयान दिया है कि 28 जून को दो समाचारपत्रों में भाजपा अमरोहा के जिला स्तरीय पदाधिकारियों को इंगित करते हुए एक अश्लील वीडियो वायरल होने तथा उसमें पदाधिकारी होने की बात प्रकाशित की गई है। जिसके संबंध में समाचारपत्रों के पत्रकारों द्वारा खबर को बिना जानकारी व पुष्टि किए बदनाम करने व ब्लैकमेल करने के उद्देश्य से छापा गया है। इन खबरों के उपरांत जनपद में कुछ राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता रखने वाले लोगों ने मुझे इंगित करते हुए बदनाम करना शुरू कर दिया। यह अश्लील वीडियो किसी ऐसे ही राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता वाले व्यक्ति द्वारा जानबूझकर कूटरचना करते हुए व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से वायरल किया गया है। मुझे भी एक कार्यकर्ता द्वारा कथित अश्लील वीडियो दिखाया गया, जो किसी अन्य व्यक्ति का है, जिससे मुझे गलत तरीके से जोड़ा गया है।
भाजपा जिलाध्यक्ष का कहना है कि इसे कुछ जानकार व्यक्तियों से दिखवाया गया तो पता चला कि यह वीडियो एक साइट से उठाकर बदनाम करने की नीयत से वायरल किया गया है। जबकि उक्त वीडियो लगभग छह साल पुराना है। पुलिस ने इस मामले में आईपीसी की धारा 468, 469, 504 तथा आईटी एक्ट 2000 की धारा 67 और 67 (ए) के तहत मामला दर्ज किया है। याद रहे कि सोशल मीडिया पर एक अश्लील वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें महिला के साथ दिखाई देने वाला शख्स भाजपा का पदाधिकारी बताया जा रहा है। यह वीडियो करीब दो मिनट का है।
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एक साल पहले अश्लील वीडियो पर भाजपा नेता को पद से हटा दिया था
एक साल पहले भी भाजपा के एक जिला स्तरीय पदाधिकारी का युवती के साथ अश्लील वीडियो वायरल हुआ था। इससे भाजपा की काफी जगहंसाई हुई थी। इसकी शिकायत हाईकमान तक पहुंचने के बाद पदाधिकारी को पद से हटा दिया गया था। संवाद
और इधर सीओ बोले, अब तक की जांच में वीडियो फर्जी
भाजपा के पदाधिकारी का बताकर वायरल किया गया अश्लील वीडियो पुलिस के अनुसार अब तक की जांच में फर्जी पाया गया है।
यह दावा सीओ विजय कुमार राणा ने किया है। सीओ ने बताया कि पिछले दो दिन से एक अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था। वीडियो को जिले के एक भाजपा पदाधिकारी का बताकर वायरल किया जा रहा था। इसकी शिकायत पर एसपी के निर्देश पर नगर कोतवाली पुलिस और आईटी सेल की टीम को जांच के लिए लगाया गया है। सीओ के मुताबिक आईटी सेल की अभी तक की जांच में वीडियो फर्जी पाया गया है। यह किसी भाजपा पदाधिकारी से संबंधित नहीं है। यह वीडियो करीब छह साल पहले पोर्न साइट पर अपलोड किया गया था। साइट से किसके द्वारा इसे डाउनलोड किया गया, किसके द्वारा इसे वायरल किया गया, कितने लोग इसमें शामिल हैं, इन सवालों का जवाब तलाशने के लिए जांच चल रही है। इस मामले से जुड़े कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। आगे की जांच भी जारी है। संवाद
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