मुरादाबाद का बाजार भारत बंद में खुला
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हजार - पांच सौ के पुराने नोट बंद कर देने के फैसले के खिलाफ विपक्षी दलों द्वारा की गई भारत बंद की अपील को जनता ने सिरे से खारिज कर दिया है। मुरादाबाद में कहीं भी बंद का असर देखने को नहीं मिला।
शहर के मुख्य बाजार हों या शापिंग कांप्लेक्स, सब जगह रोजमर्रा की तरह रौनक थी। कांग्रेसियों के आधा किमी लंबे जुलूस को हटा दें तो बाकी शहर अपनी रूटीन स्पीड पर दौड़ा।
पांच सौ और हजार के नोट बंद होने के बाद संसद में विरोध के बाद विपक्षी दलों ने 28 नवंबर को भारत बंद का आह्वान किया था।
भारत बंद को सफल बनाने के लिए कांग्रेस ने काफी तैयारी की, बाजारों में जनसंपर्क कर बंद रखने की अपील की। लेकिन रविवार को ही सभी व्यापारी संगठनों की ओर से बंद का साथ नहीं देने की घोषणा कर दी गई थी।
विपक्षी दलों की अपील को दरकिनार कर व्यापारियों ने अपनी दुकानें और प्रतिष्ठान रूटीन की तरह खोले। सर्राफा बाजार, बर्तन बाजार, कटरा बाजार, टाउन हाल से लेकर शहर के सभी शापिंग कांप्लेक्स और शोरूम भी खुले रहे।
घनी मुस्लिम बस्तियों में भी बाजार रूटीन की तरह खुले थे। पूरे शहर में कहीं भी बंदी की झलक तक दिखाई नहीं दी। रोडवेज, रेलवे स्टेशन और सड़कों पर रोज की तरह की चहलपहल थी।