रजा मुराद ने बचपन से जुड़ी यादों को साझा कर कहा कि वो और बप्पी लाहिड़ी मुंबई के खार इलाके में पड़ोस में रहते थे। उनकी बप्पी दा से अच्छी दोस्ती थी। करीब छह-सात साल की उम्र थी और बप्पी लाहिड़ी उस वक्त भी काफी गोल-मटोल थे। जिस पर वो उनके गालों को खींचते थे। ऐसा करने पर बप्पी लाहिड़ी रोते हुए अपने पिता से उनकी शिकायत करते थे, जिस पर वो सफाई देते थे। रजा मुराद ने बताया कि बप्पी लाहिड़ी उन्हें रजा नहीं बल्कि राजा कहते थे।
बच्चों का स्कूल बनता था दो दोस्तों के साथ वक्त बिताने का जरिया
रजा मुराद ने बताया कि उनके बच्चे और बप्पी लाहिड़ी के बच्चे मुंबई के एक ही स्कूल में पढ़ते थे। इसलिए लगभग रोजाना ही उनसे मुलाकात होती थी। वो बच्चों को कार से ही स्कूल भेजते थे, ऐसे में कभी बच्चों को स्कूल ले जाते वक्त तो कभी छुट्टी में दोनों मिलते थे। इस दौरान वो अक्सर 10-15 मिनट पहले पहुंच जाते थे और दोनों दोस्त आपस में बात करते थे।