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Bangladesh Violence: छह दिन फंसे रहे मेडिकल छात्र, इकबाल बोले- हालात बेहद खराब... परिवार से टूट गया था संपर्क

Fri, 26 Jul 2024 04:12 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर

सार

बांग्लादेश में हिंसा के बीच यूपी के कई मेडिकल छात्र फंस गए थे। रामपुर निवासी छात्र मोमीन इकबाल ने बताया कि हिंसक प्रदर्शन के बीच वह छह दिन तक फंसे रहे। इस बीच परिवार वालों से संपर्क कट गया था। केंद्र सरकार के प्रयास के बाद वह सकुशल घर पहुंचे हैं। 
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बांग्लादेश के हालात के बारे में बताते मोमीन ( सफेद कमीज में) परिजनों के साथ - फोटो : संवाद
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विस्तार
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बांग्लादेश में 17 जुलाई से शुरू हुई हिंसा में रामपुर के करीम बाग सिविल लाइंस क्षेत्र निवासी छात्र मोमीन इकबाल सहित मुरादाबाद के उनके दो दोस्त मोहम्मद उसामा व उमर खान भी छह दिन फंसे रहे। मोमीन इकबाल ने आपबीती बताई, कहा कि इंटरनेट सेवाएं बंद होने के बाद रामपुर में परिवार से संपर्क टूट गया था।

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इसके बाद उन्होंने भारत और बांग्लादेश के बॉर्डर पर दसवीं मंजिल जाकर भारतीय मोबाइल नेटवर्क से परिवार से संपर्क किया। छह दिन परिवार के लोगों और छात्रों ने बड़ी मुश्किल से गुजारे। बुधवार को तीनों छात्र अपने-अपने घर पहुंचे तो आपबीती बताई।

सय्यद मोमीन इकबाल ने बताया कि बांग्लादेश सरकार के नए कोटा सिस्टम आरक्षण बिल के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन चल रहा हैं। 17 जुलाई से वहां पर सभी शैक्षणिक संस्थान बंद हैं। अभी तक 174 मौतें हो चुकी हैं, 2500 से ज्यादा लोग अरेस्ट किए गए हैं।
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भारत सरकार के मुताबिक में बांग्लादेश में करीब 9300 भारतीय छात्र पढ़ते हैं, जिसमें से ज्यादा एमबीबीएस की पढ़ाई करने वाले छात्र हैं। बताया वो बांग्लादेश के कूमिल्ला स्तिथ मयनामती मेडिकल कॉलेज में फाइनल वर्ष के छात्र हैं। मुरादाबाद निवासी मोहम्मद उसामा व उमर खान थर्ड ईयर के छात्र हैं।

बताया कि बुधवार सुबह दोनों अगरतला लैंड पोर्ट होते हुए घर पहुंचे। उनके कॉलेज में करीब 247 भारतीय छात्र हैं, जिसमें में से तकरीबन सब भारत वापस आ चुके हैं। माहौल को देखते हुए भारतीय उच्चायोग ढाका ने एडवाइजरी जारी करके सारे भारतीय छात्रों को बांग्लादेश छोड़ने के लिए कहा।

सय्यद मोमिन इकबाल ने बताया कि चटगांव में भारत के सहायक उच्चायुक्त डॉ. राजीव रंजन और कॉलेज प्रशासन ने मिलकर सभी छात्रों को बॉर्डर तक पहुंचाने की व्यवस्था की। अगरतला में बीएसफ और जिला प्रशासन ने छात्रों के लिये ठहरने और खाने की व्यवस्था की।

उन्होंने बताया कि फिलहाल बांग्लादेश में कर्फ्यू लगा हुआ है और इंटरनेट बंद है। घर पर बात करने में परेशानी हुई, बॉर्डर के पास कॉलेज होने के कारण दसवीं मंजिल पर जाकर भारतीय टॉवर पकड़कर बातचीत की। लेकिन ये छह दिन परिवार और उनके लिए बेहद परेशानी वाले रहे।

उन्होंने बताया वो तीन बहन-भाई सबसे बड़े हैं। पिता सय्यद आरिफ इकबाल ईंट भट्टा व्यापारी और अम्मी ईरम आरिफ हाउस वाइफ हैं। 15 छात्र ऐसे हैं वीजा के लिए पासपोर्ट फंसे हैं, उनके लिए पासपोर्ट बनावाएं।

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