जिला अस्पताल से कुंदरकी के कादरपुर मस्ती निवासी महिला ने अपनी सूनी गोद भरने के लिए नवजात को चुराया था। सोमवार को पुलिस ने महिला के घर दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया और बच्चा भी बरामद कर लिया।
पुलिस पूछताछ में महिला ने जो बताया वो भी कम दुखद नहीं है। उसने बताया कि शादी के कई साल बाद भी जब बच्चा नहीं हुआ तो ससुरालियों के उत्पीड़न पर ससुराल छोड़नी पड़ी। इसके बाद उसे कई जगह बेचा गया। फिलहाल वो कुंदरकी में मदन के साथ रहती है।
बच्चा ना होने का दर्द उसे सालता था इसलिए उसने चोरी करने की ठान ली। उसने कबूला है कि उसने अस्पताल की एक महिला कर्मचारी की मदद से बच्चा चुराया था। उसने महिला कर्मचारी को एडवांस में दो हजार रुपये दिए थे, जबकि बाकी तीन हजार रुपये नवजात ले जाते समय दिए।
एसपी डा. राम सुरेश यादव ने बताया कि मझोला थानाक्षेत्र के लोधीपुर निवासी गंगा पत्नी महेेश प्रजापति ने रविवार को जिला महिला अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया था। इस बीच एक महिला नर्स बनकर आई बच्चा चुरा ले गई थी।
सोमवार दोपहर कुंदरकी पुलिस ने कादलपुर मस्ती में पूजा शुक्ला पत्नी मदन सिंह के घर दबिश देकर बच्चा बरामद कर लिया। आरोेपी महिला पूजा को पकड़ कर थानेे ले आई। सिविल लाइन थाने की पुलिस भी कुंदरकी पहुंच गई।
पूछताछ में पूजा शुक्ला ने बताया एकि वह करीब एक सप्ताह पहले जिला अस्पताल पेेट दर्द की दवाई लेने आई थी। यहां उसकी मुलाकात अस्पताल की एक महिला कर्मचारी से हुई थी। पूजा ने उसे बताया था कि उसके कोई संतान नहीं हैं। वह बच्चा लेना चाहती है। कर्मचारी ने उससे पांच हजार रुपये में सौदा कर लिया था।
एडवांस में दो हजार रुपये दे दिए। कहा बाकी रकम जिस दिन लाएगी, उसी दिन बच्चा मिल जाएगा। रविवार को तीन हजार रुपये लेकर पूजा अस्पताल पहुंच गई। उसने कर्मचारी के कहने पर मिथलेश से कहा कि उसके बेटे का एक्सीडेंट हो गया है। जैसे ही वह मिथेलश बाहर गई। पूजा बच्चा लेकर फरार हो गई थी।
वहीं महिला अस्पताल से चोरी हुए बच्चे को अभी कुछ दिनों तक सिक न्यू बोर्न केयर यूनिट में रखा जाएगा। महिला अस्पताल की सीएमएस डा. कल्पना सिंह के मुताबिक बच्चे का वजन दो किग्रा है। जो कम है। ये बच्चा प्री मैच्योर है।