सपा नेता आजम खां, उनकी पत्नी डॉ. तजीन फात्मा और बेटे अब्दुल्ला आजम खां को एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 18 अक्तूबर को अब्दुल्ला के दो जन्म प्रमाण पत्र होने के मामले में तीनों को सात-सात साल की कैद व पचास हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई थी। इस सजा के खिलाफ अब तीनों ने सेशन कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने अपने अधिवक्ता जुबैर अहमद खां के माध्यम से गुरुवार को जिला जज सत्य प्रकाश त्रिपाठी की कोर्ट में अपील दायर की।
दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने तीनों की अपील स्वीकार करते हुए सुनवाई के लिए अपील एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में स्थानांतरित कर दी। यहां पर प्रभारी एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट संजीव कुमार तिवारी ने सुनवाई करते हुए सुनवाई के लिए 21 नवंबर की तारीख नियत की है। डीजीसी अमित सक्सेना ने बताया कि आजम खां, डॉ. तंजीन फात्मा और अब्दुल्ला आजम की अपील को कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। अब सुनवाई 21 नवंबर को होगी।