मुरादाबाद। पैट परीक्षा में केंद्रों पर समय से न पहुंचना कई अभ्यर्थियों को भारी पड़ गया। सरकारी निर्देशों का पालन करते हुए परीक्षा ड्यूटी कर रहे अधिकारियों ने जब अभ्यर्थियों को गेट पर रोक दिया तो इससे वह आक्रोशित हो गए और खिड़की का कांच तोड़ दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने अभ्यर्थियों को तितर-बितर किया।
पहली पाली की परीक्षा सुबह दस बजे से शुरू होनी थी। इसके लिए शासन के निर्देशों के अनुसार अभ्यर्थियों को सुबह आठ बजे से केंद्रों पर प्रवेश दिया जाने लगा था और साढ़े नौ बजे केंद्रों के मुख्य गेटों को बंद कर दिया गया। पीएमएस स्कूल में भी ऐसा ही हुआ, लेकिन यहां पर करीब 15 ऐसे अभ्यर्थी थे जो निर्धारित समय साढ़े नौ बजे के बाद पहुंचे थे। ऐसे में परीक्षा कार्य में लगे अधिकारियों ने उन्हें देरी होने की वजह से केंद्र के अंदर नहीं जाने दिया। इस पर अभ्यर्थी आक्रोशित हो गए और मुख्य गेट की खिड़की का कांच तोड़ दिया।
अमरोहा से आए देवेंद्र कुमार, ठाकुरद्वारा से आई सोनम चौहान ने बताया कि नौ बजकर 35 मिनट पर केंद्र पर आ गए थे, लेकिन उनको रोक लिया, जबकि एक अन्य अभ्यर्थी को अंदर बुला लिया था।
बुद्धि विहार निवासी दिव्या, पीएसी निवासी पारुल यादव, प्रीति और अमरोहा निवासी जितेंद्र ने बताया कि वह नौ बजकर 40 मिनट पर केंद्र पर आ गए थे, लेकिन उनको प्रवेश नहीं मिला है। वह लेखपाल और बीडीओ के लिए पिछले दो वर्षों से तैयारी कर रहे हैं। अब इस परीक्षा में न बैठ पाने की वजह से वह लेखपाल और बीडीओ की परीक्षा भी नहीं दे पाएंगे।
इस संबंध में प्रधानाचार्य मैथ्यूज पी. एलिनचेरिल ने बताया कि परीक्षा की निगरानी के लिए जिन पुलिसकर्मियों की ड्यूटी थी, वह गेट पर मौजूद रहने के बजाय इधर-उधर चले गए थे। इसकी शिकायत उन्होंने जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के अधिकारियों से की।
ड्यूटी की जिम्मेदारी निभा रहे थाना बिलारी के उप निरीक्षक सुनील कुमार ने बताया कि वह जूस के ढेले को हटवाने गए थे, ताकि केंद्र के बाहर जाम न लग सके। स्कूल के गार्ड ने भी उन्हें अभ्यर्थियों द्वारा शीशा तोड़ने की जानकारी नहीं दी थी। इस दौरान अभ्यर्थियों की पुलिस अधिकारियों से भी नोंकझोंक हुई।