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Amroha: नीरज बबाना बदमाश का साथी हूं... तुझे और तेरे परिवार को जान से मार दूंगा, फोन पर दे डाली धमकी

Sat, 13 Jul 2024 04:18 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा

सार

रजबपुर थानाक्षेत्र निवासी ने धमकी देने के आरोप में दो युवकों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पीड़ित का आरोप है कि युवकों ने उसे नीरज बबाना के नाम पर धमकी दी। पुलिस ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।
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amroha police - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मैं नीरज बबाना बदमाश का साथी बोल रहा हूं... तुझे और तेरे परिवार को जान से मार दूंगा। ये अल्फाज फोन करने वाले दो आरोपियों ने रजबपुर थानाक्षेत्र के अहमदपुर देवीपुरा गांव के रहने वाले पुनीत कुमार से कहे। मामले में पुलिस ने मोबाइल नंबरों के आधार पर दो युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

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पीड़ित पुनीत कुमार का आरोप है कि नौ जुलाई की सुबह आठ बजे उनके मोबाइल नंबर पर मंडी धनौरा थानाक्षेत्र के हिरनखेड़ी गांव निवासी मटरू उर्फ प्रशांत कुमार ने फोन किया और खुद को नीरज बबाना बदमाश का साथी बताया।

इसके अलावा गजरौला बस्ती के रहने वाले विपिन पाल ने भी फोन करके गाली गलौज की और पुनीत कुमार समेत पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। लगातार मिल नहीं धमकियों के बाद पुनीत कुमार और उनके परिवार के सदस्य परेशान हैं।
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सीओ सिटी अरुण कुमार ने बताया कि मामले में पुनीत कुमार की तहरीर पर मटरू उर्फ प्रशांत कुमार और विपिन पाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।

गैंगस्टर एक्ट के दोषी को चार साल की सजा

गैंगस्टर एक्ट के दोषी को न्यायालय ने चार साल की सजा सुनाई है। साथ ही 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। वह जमानत पर जेल से बाहर था। बछरायूं थाने के तत्कालीन इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार ने 30 मई 2009 को चौहड़पुर गांव के रहने वाले चंद्रपाल के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज कराया था।

चंद्रपाल इस गैंग का लीडर था। ये लोग हत्या जैसी वारदातों को अंजाम देते थे। बाद में पुलिस ने चंद्रपाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। फिलहाल, गैंगस्टर एक्ट के दोनों आरोपी जमानत पर जेल से बाहर थे। इस मुकदमे की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश त्वरित द्वितीय ज्योति की अदालत में चल रही थी।

अभियोजन पक्ष की ओर से वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी रामध्यान पैरवी कर रहे थे। बृहस्पतिवार को न्यायालय ने मुकदमे में सुनवाई की और आरोपी चंद्रपाल को दोषी करार दिया। साथ ही चार साल की सजा सुनाई और 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।

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