उत्तराखंड की रहने वाली आकांक्षा की हत्या उसके प्रेमी मोहित सैनी और उसके दोस्त ने की। मोहित के परिवार के दबाव में आकर उसने आकांक्षा से छुटकारा पाने के लिए हत्या की साजिश रची। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
भोजपुर में हुए सनसनीखेज आकांक्षा हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। उत्तराखंड के काशीपुर की रहने वाली अंजली उर्फ आकांक्षा की हत्या उसके प्रेमी मोहित सैनी और उसके दोस्त ने मिलकर की थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
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आकांक्षा और मोहित के बीच तीन साल से प्रेम संबंध थे। आकांक्षा ने मोहित के साथ प्रेम विवाह किया था और दोनों उधमसिंहनगर के न्यू केशवपुरम कॉलोनी में किराए के कमरे में रहते थे। हालांकि, मोहित के परिवार वाले उसकी शादी किसी अन्य लड़की से करना चाहते थे।
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इसलिए वह परिवार के दबाव में था। लंबे समय से वह आकांक्षा से छुटकारा पाना चाहता था। इस मकसद के लिए मोहित ने अपने दोस्त से मदद ली और दोनों ने मिलकर आकांक्षा की हत्या की साजिश रची। बृहस्पतिवार को आकांक्षा की छोटी बहन अनीता ने सोशल मीडिया पर एक महिला के शव की फोटो देखी।
इसमें उसके हाथ पर आकांक्षा का नाम लिखा हुआ था। अनीता ने तुरंत पुलिस थाने में पहुंचकर शव की शिनाख्त की। शव भोजपुर थाना क्षेत्र के जहांगीरपुर गांव के पास मुरादाबाद-काशीपुर मार्ग पर पड़ा हुआ था। आकांक्षा के पिता भूरा कश्यप ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया कि उनकी बेटी की हत्या मोहित और उसके दोस्त ने मिलकर की है।
बताया कि मोहित और उसका दोस्त आकांक्षा को बुधवार सुबह करीब चार बजे बाइक पर लेकर गए थे और इसके बाद वह वापस नहीं लौटी। पुलिस ने जांच में पाया कि आकांक्षा की हत्या गला रेतकर की गई थी और शव को हाईवे के किनारे फेंक दिया गया था।
मोहित ने अपनी पत्नी के लापता होने की झूठी जानकारी दी और अनीता को बताया कि उसकी बहन लापता है। अनीता ने हिम्मत दिखाई और अपनी बहन के किराए के कमरे तक पहुंची। जहां मकान मालिक से पता चला कि मोहित अपनी पत्नी आकांक्षा को अपने दोस्त के साथ बाइक पर ले गया था।
इस जानकारी के बाद पुलिस ने आरोपियों को पकड़ लिया। दोनों आरोपियों ने हत्या की सच्चाई कबूल कर ली है। पुलिस ने दोनों आरोपियों मोहित सैनी और उसके दोस्त के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। दोनों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।