नगर आयुक्त के कैंप कार्यालय में हुई समार्ट सिटी की बैठक में मौजूद अधिकारी। संवाद
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मुरादाबाद। स्मार्ट सिटी योजना से शहर में 204 करोड़ से बनने वाले इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से शहर वासियों को कई स्मार्ट सुविधाएं मिलेंगी। इसे लेकर इस प्रोजेक्ट पर काम करने वाली संस्था ने प्राजेक्ट के माध्यम से इस योजना से शहर की यातायात, सुरक्षा आदि अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी दी। अधिकारियों ने भी कई सुझाव दिए ।
नगर आयुक्त कैंप कार्यालय पर हुई बैठक में स्मार्ट सिटी के इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर प्रोजेक्ट से शहर को होने वाले लाभ और लोगों को मिलने वाली सुविधाओं के बारे में अधिकारियों को बताया गया। नगर आयुक्त संजय चौहान के अनुसार इस योजना में शहर में इस तरह के ट्रैफिक सिग्नल लगाए जाएंगे जो रोड पर टाइम के अनुसार नहीं बल्कि रोड पर ट्रैफिक के लोड के हिसाब से एडजस्ट होंगे। यदि रोड पर वाहन नही है तो कैमरे ग्रीन लाइट देंगे। ऐसे में यात्रा करने वालों के समय की बचत होगी।
नगर आयुक्त के अनुसार शहर में केवल एक औद्योगिक क्षेत्र में प्रदूषण मापक सिस्टम लगा है। वहां का वायु प्रदूषण अधिक होता है, इसी वजह से मुरादाबाद का वायु प्रदूषण हमेशा काफी अधिक आ रहा है। इसी का हल्ला मचा रहता है। आने वाले दिनों में शहर में पांच अलग-अलग स्थानों पर ये सिस्टम लगाया जाएगा इसके अलावा एक मोबाइल वैन पर भी सिस्टम लगा होगा। ऐसे में शहर का सही वायु प्रदूषण का पता चलेगा। अक्सर लोगों की शिकायत होती है कि कर्मचारी डस्टबीन से कूड़ा नहीं उठाते, जबकि निगम से तेल का पैसा लिया जाता है। इस योजना में डस्टबिन प्वाइंट पर सेंसर लगाने की योजना है। प्रत्येक डस्टबिन का एक नंबर होगा। डस्टबिन के भरते ही वह कंट्रोल रुम को मैसेज फ्लैश करेगा और पता चल जाएगा कि किस नंबर की डस्टबिन का कूड़ा नहीं उठा। इस पर तुंरत टीम जाकर डस्टबिन खाली करेगी। बैठक में अपर नगर आयुक्त अनिल सिंह के अलावा लोकनिर्माण विभाग, विद्युत विभाग सहित कई विभागीय और इस योजना से जुड़े अधिकारी शामिल हुए थे। कंपनी अधिकारियों ने बताया कि शहर में रडार युक्त कैमरे लगेंगे जो 200 से 300 मीटर तक की रेंज कवर करेंगे। कई कैमरे रिमोट से घूमने वाले भी होंगे जिससे चारों तरफ की लोकेशन चेक की जा सकेगी।