रोजा में बंद कराए अवैध रास्ते को देखने जाते डीआरएम राजकुमार सिंह। स्रोत: जागरूक पाठक
मुरादाबाद/रोजा। 24 दिसंबर को रोजा में ट्रेन की टक्कर से एक ही परिवार के पांच लोगों की माैत होने के बाद रेलवे प्रशासन सतर्क हो गया है। ऐसे 16 अवैध रास्ते बंद किए गए हैं, जहां से लोग अपनी जान जोखिम में डालकर रेलवे ट्रैक पार कर रहे थे। इन क्रॉसिंग पर आरपीएफ भी तैनात की गई है।
चार्ज लेने के बाद पहली बार रविवार को डीआरएम राजकुमार सिंह रोजा पहुंचे और उन्होंने पुराने पावर केबिन के पास घटना स्थल का मुआयना किया। यहां 24 दिसंबर को रेलवे ट्रैक पार करते समय गरीब रथ एक्सप्रेस की टक्कर से एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद वहां रेलवे प्रशासन द्वारा कई रास्तों को बंद किया गया है। इसके कारण लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। वहां लोगों ने कहा कि कुछ ऐसा रास्ता निकाला जाए, जिससे लोगों का आवागमन प्रभावित न हो और दुर्घटनाएं रोकी जा सकें। डीआरएम ने शिकायत पर कमेटी गठित कर दी। कमेटी यह जांच करेगी कि क्या लोगों के आवागमन के लिए कोई वैकल्पिक रास्ता है। जांच के बाद कमेटी रिपोर्ट डीआरएम को देगी।
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वित्त मंत्री खन्ना और शाहजहांपुर सांसद ने पूछा स्टेशन का हाल
रोजा का निरीक्षण पूरा करने के बाद डीआरएम व अन्य अधिकारी शाहजहांपुर पहुंचे और स्थानीय सांसद अरुण सागर से मुलाकात की। उन्होंने शाहजहांपुर स्टेशन पर अमृत भारत के तहत चल रहे विकास कार्यों की गति धीमी बताई। इस पर डीआरएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए और मई 2026 तक कार्य पूरा होने का आश्वासन दिया। इसके बाद सांसद के साथ डीआरएम वापस रोजा पहुंचे, वहां वित्त मंत्री सुरेश खन्ना भी पहुंच गए। लोगों के आवागमन के रास्तों को बंद करने पर भी मंत्री और सांसद ने समाधान के लिए कहा। खन्ना ने कहा कि आम रास्ता बंद होने से लोग कहां से निकल पाएंगे।
हादसे की चल रही जांच : डीआरएम
रोजा। डीआरएम राजकुमार सिंह ने कहा कि रोजा में हुए हादसे की जांच चल रही है। पूरे मामले का अध्ययन किया जा रहा है। इस तरह की घटना दोबारा न हो, इसके लिए रेलवे के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। बताया कि मंडल में 16 अवैध रेलवे क्रॉसिंग को बंद किया गया है। आरपीएफ को रेलवे क्रॉसिंग पार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। रेलवे फाटक के किनारे अवैध रास्ते भी चिह्नित किए गए हैं। संवाद
रोजा में बंद कराए अवैध रास्ते को देखने जाते डीआरएम राजकुमार सिंह। स्रोत: जागरूक पाठक