मुरादाबाद। यूपी बार काउंसिल के आह्वान पर शुक्रवार को अधिवक्ता हड़ताल पर रहे। उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया कि आजादी का मौलिक अधिकार नहीं छीना जा सकता। अधिवक्ता, समाज में सबसे पीछे खड़े असहाय व्यक्ति को उसके हक और आजादी दिलाने की लड़ाई लड़ते हैं। अधिवक्ताओं पर अमर्यादित टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
दि बार एसोसिएशन एंड लाइब्रेरी के अध्यक्ष आदेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदेश सरकार एक के बाद एक अधिवक्ताओं के खिलाफ गैर जिम्मेदाराना बयान जारी कर रही है। जबकि अधिवक्ता गरीबों, असहाय लोगों को न्याय दिलाने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता ही जनता को उसके अधिकार दिलाने के लिए न्यायालयों में पहुंचते हैं और उन वंचित व्यक्तियों को उनका अधिकार दिलाते हैं। इस दौरान महासचिव राकेश कुमार वशिष्ठ, सुरेश चंद सागर, श्रीकांत उपाध्याय, गोपाल द्विवेदी, प्रमोद प्रत्येकी, राजकुमार, संदीप यादव, चंदवीर सिंह, अशकार हुसैन, कुलभूषण सक्सेना, अजार हुसैन, आशुतोष त्यागी, अशोक सिंह, अशोक कुमार सक्सेना आदि अधिवक्ता मौजूद रहे। संवाद