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प्रशासन ने मुतवल्ली से 30 साल बाद खाली कराई करोड़ों की जमीन, आवंटी को सौंपी

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Administration vacated land worth crores from Mutawalli after 30 years, handed over to the allottee - फोटो : JPNAGAR
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आवास विकास की 330 वर्ग मीटर जमीन पर 30 साल से काबिज लोगों को बेदखल कर सोमवार को पुलिस-प्रशासन ने उसके आवंटी अजीमुद्दीन को कब्जा दिला दिया। वहीं, तीस साल से काबिज गुलफराज व उनके भाई उसे वक्फ संपत्ति बताते हुए खुद मुतवल्ली होने का दावा कर रहे हैं।
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पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने अपनी मौजूदगी में निर्माण कराकर आवंटी को कब्जा दिलाया। कुछ ही घंटों में जमीन पर ऊंची दीवारें खड़ी हो गईं। मुतवल्ली का परिवार अफसरों के चक्कर काटता रहा, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन पर सत्ताधारी विधायक के दबाव में जमीन पर अवैध कब्जा कराने का आरोप लगाया है। साथ ही जमीन पर स्टे होने और मामला न्यायालय में विचाराधीन होेने की बात कही है। वहीं, सरकारी कार्य में बाधा डालने पर पुलिस ने गुलफराज और उनके दो भाइयों का शांतिभंग में चालान कर दिया है।
नगर के मोहल्ला नई बस्ती तलवार शाह में सगे भाई गुलफराज, गुलनवाज और शरफराज के परिवार रहते हैं। पिछले करीब तीस सालों से आवास विकास कॉलोनी स्थित अतरासी तिराहे पर 330 वर्ग मीटर जमीन पर उनका कब्जा था। गुलफराज व उनके भाइयों का कहना है कि जमीन वक्फ बोर्ड की संपत्ति है। उसमें उनके परिजनों की कब्रें हैं। साथ ही गुलनवाज यहां कारों का गैराज चलाते हैं, लेकिन आवास एवं विकास परिषद इस जमीन को अपनी बताता है।
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इस संपत्ति को लेकर एक मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन है और स्टे भी है। जमीन बेहद कीमती है। ऐसे में वर्षों से कुछ लोग संपत्ति पर कब्जा करना चाहते थे। लेकिन आवास एवं विकास परिषद ने इस जमीन को अपनी बताते हुए 19 जून 2019 को अन्य व्यक्ति अजीमुद्दीन को अलॉट कर दिया।
आवंटन के बावजूद अजीमुद्दीन को जमीन पर कब्जा नहीं मिल रहा था। वह कब्जे के लिए आवास विकास परिषद व प्रशासनिक अधिकारियों को चक्कर काट रहे थे। इस क्रम में सोमवार को आवास एवं विकास परिषद के जेई के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम अमरोहा पहुंची और डीएम एसपी को शिकायती पत्र देकर जमीन कब्जा मुक्त कराने की सिफारिश की।
इसके बाद नायाब तहसीलदार की मौजूदगी में डिडौली, अमरोहा नगर, देहात, नौगांवा सादात पुलिस और पीएसी ने मौके पर पहुंचकर जमीन को कब्जा मुक्त कराने की कोशिश की। इस दौरान मुतवल्ली गुलफराज और उनके भाइयों ने विरोध किया तो पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर थाने में बैठा लिया। जिसके बाद पुलिस की मौजूदगी में लोगों ने गैराज में रखा सामान बाहर निकालकर सड़क पर डाल दिया। बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने थोड़ी ही देर में नींव खोदकर बाउंड्री का निर्माण कर लिया। करीब दस घंटे तक पुलिस मौके पर रही और मजदूरों ने थोड़ी ही देर ही में ऊंची दीवारें खड़ी कर दीं।
गुलफराज और उनके भाइयों के हिरासत में लिए जाने के बाद उनके परिजन शिकायती पत्र लेकर कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां शिकायत पत्र देकर प्रशासन को गुमराह करने का आरोप लगाया। साथ ही सत्ताधारी विधायक के दबाव में जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने का आरोप लगाया।
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