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पुलिस को चकमा देकर भाजपा पार्षद के भाई दुष्कर्म के आरोपी ने किया कोर्ट में आत्मसमर्पण

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मुरादाबाद। राजनीतिक रसूख वाले दुष्कर्म के आरोपी की तेरह माह बाद भी गिरफ्तारी नहीं होने से मजबूर पीड़िता को धरना देना पड़ा। पुलिस फिर भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी और एफआईआर दर्ज होने के 417 दिन बाद उसने शुक्रवार को अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
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मझोला थानाक्षेत्र मेें रहने वाली एक दुष्कर्म पीड़ित युवती बीते 15 दिन से एसएसपी कार्यालय पर धरना दे रही है। युवती ने चार मई 2021 को मझोला थाने में ज्ञानी वाली बस्ती लाइन पार निवासी सुधीर कुमार सैनी, उसके भाई नरेंद्र सैनी, वार्ड चौदह के पार्षद चंद्र शेखर सैनी और सुधीर की मां के खिलाफ केस दर्ज कराया था। तहरीर के मुताबिक युवती की सुधीर सैनी से करीब 15 साल पहले दोस्ती हुई थी। सुधीर ने उसे आश्वासन दिया था कि बड़े भाइयों की शादी के बाद वह भी उससे विवाह कर लेगा। आरोप है कि सुधीर ने एक मंदिर में जयमाल डालकर उसके साथ शादी की और उससे दुष्कर्म किया। जब सुधीर के बड़े भाइयों की शादी हो गई तो युवती ने उससे सामाजिक तौर पर शादी करने का दबाव डाला तो उसे धरेख देकर वह दिल्ली चला गया। इसके बाद युवती सुधीर के भाई चंद्रशेखर, नरेंद्र और मां से मिली तो उन सबने उसेे प्रताड़ित किया। पीड़िता ने महिला थाने में शिकायती पत्र दिया। आरोप है कि सुधीर के भाजपा पार्षद भाई नेराजनीतिक रसूख का इस्तेमाल करते हुए मुकदमा दर्ज नहीं होने दिया। तत्कालीन एसएसपी से गुहार लगाई तब जाकर 4 मई 2021 को पुलिस ने केस दर्ज किया गया। 13 महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी पुलिस आरोपी सुधीर को गिरफ्तार नहीं कर सकी। मजबूर होेकर पीड़िता ने 9 जून से एसएसपी कार्यालय के सामने धरना देना शुरू किया। पीड़िता रोज सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक धरने पर बैठती। पुलिस पर दबाव बढ़ा तो 417 दिन बाद सुधीर ने शुक्रवार को अदालत पहुंच कर आत्मसमर्पण कर दिया।
कहीं सुनवाई नहीं होने पर धरने पर बैठ गई थी पीड़िता
मुरादाबाद। पीड़ित युवती ने बताया कि उसने इन 417 दिन में पचास से ज्यादा प्रार्थना पत्र चौकी, थाने, पुलिस ऑफिस से लेकर लखनऊ तक भेजे। हर बार उसे आश्वासन मिला कि आरोपी की गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन पुलिस आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई। इसके बाद वह मजबूर होकर नौ जून की सुबह एसएसपी दफ्तर के बाहर धरने पर बैठ गई थी। वह यहां सुबह दस बजे आती थी और पांच बजे चली जाती थी। इस दौरान उसके पास कई बार पुलिस वाले आए। उन्होंने आश्वासन देकर उसे उठाने का प्रयास किया, लेकिन पीड़ित ने साफ कह दिया था कि वह आरोपी की गिरफ्तारी होने तक नहीं उठेगी। ब्यूरो
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अधिवक्ता ने नहीं ली फीस, सीओ ने की मदद
मुरादाबाद। आरोपी के कोर्ट में सरेंडर करने और जेल भेजे जाने की सूचना मिलने पर पीड़ित युवती की आंखों से आंसू छलक आए। रोते हुए बोली कि अधिवक्ता समीक्षा अग्रवाल ने उसकी मदद की। जिस कारण वह न्याय के लिए संघर्ष कर पाई। उन्होंने फीस भी नहीं ली। इनके अलावा सीओ सिविल लाइंस आशुतोष तिवारी ने आरोपी के परिवार पर दबाव बनाया। जिस कारण आरोपी अदालत में सरेंडर करने पर मजबूर हो गया। वरना इनसे पहले किसी पुलिस कर्मी और अधिकारी ने आरोपी के परिवार पर कोई दबाव नहीं बनाया था।
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दुष्कर्म के आरोपी सुधीर ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। पुलिस टीम उसकी तलाश में लगी थी। उसकी संपत्ति की कुर्की की कार्रवाई की प्रक्रिया की जा रही थी। खुद को घिरा देख आरोपी ने सरेंडर किया है। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में पहले ही दाखिल की जा चुकी है।
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आशुतोष तिवारी, सीओ सिविल लाइंस
आरोपी सुधीर के भाई पार्षद चंद्र शेखर सैनी से इस संबंध में उनका पक्ष जानने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कुछ भी बोल से इनकार कर दिया।
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