मुरादाबाद। मां के इलाज के लिए पैसे न होने पर कबाड़ का काम करने वाले एक युवक ने वेस्टेज गत्ता कारोबारी से फोन के जरिये संपर्क बनाने के बाद उसे गत्ता सप्लाई का झांसा देकर 1.40 लाख रुपये ठग लिए। कारोबारी ने इस घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सिविल लाइंस पुलिस ने सर्विलांस टीम के सहयोग से आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से ठगी गई रकम में से 1.32 लाख रुपये, तीन चेकबुक, तीन एटीएम कार्ड, दो आधार कार्ड, पांच सिम, और मोबाइल बरामद करने कर जेल भेज दिया है। एसएसपी बबलू कुमार ने रविवार पुलिस लाइन में इस घटना का खुलासा किया।
एसएसपी ने बताया कि सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के अगवानपुर निवासी इकराम पेपर मिल के लिए वेस्टेज गत्ता खरीदने का कारोबार करते हैं। उनसे एक व्यक्ति ने फोन पर संपर्क करने के बाद उन्हें वेस्टे गत्ते की सप्लाई देने का झांसा देकर उनसे 1.40 लाख रुपये ठग लिए। शनिवार को इस मामले की रिपोर्ट इकराम ने दर्ज कराई थी। घटना के खुलासे के लिए सिविल लाइंस पुलिस के अलावा साइबर सेल को भी लगाया गया था। टीम ने रविवार को अगवानपुर फ्लाईओवर से आरोपी मोहम्मद खालिद निवासी मोहल्ला लद्दावाला, थाना कोतवाली जनपद मुजफ्फरनगर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि मोहम्मद खालिद वर्तमान में उत्तराखंड के पटेलनगर थानाक्षेत्र की आजाद कालोनी में फात्मा मस्जिद के पास किराए के मकान में रहता है। उसके कब्जे से पुलिस ने ठगी गई रकम में से 1.32 लाख रुपये, एक मोबाइल फोन, दो आधार कार्ड, तीन एटीएम, तीन चेकबुक और पांच सिमकार्ड बरामद किया है।
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पहले कबाड़ी का काम करता है। इसलिए उनकी कार्यप्रणाली और मानसिकता को अच्छी तरह जानता था। इसीलिए उसने कबाड़ियों को ही चूना लगाने की योजना बनाई। इसके लिए उसने अपनी मां की आईडी पर सिम खरीदे। इसके बाद जस्ट डायल नामक साइट से कबाड़ियों और पेपर फैक्ट्रियों के नंबर निकाल लिए। मोहम्मद खालिद ने अमित बनकर इकराम को फोन किया। और बताया कि वह वेस्टेज गत्ते की सप्लाई करता है। उन्हें भी वेस्टेज गत्ता उपलब्ध करा सकता है। इसके बाद उसने अंजलि ट्रेडर्स से अगवानपुर के जीनियस पेपर मिल के नाम गत्ते का ट्रक बुक करा लिया। इकराम को अपनी बातों में फंसाकर उसने तीन बार में अपनी मां के खाते में एक लाख चालीस हजार रुपये डलवा लिए। इस रकम को उसने एटीएम द्वारा निकाल लिया। उधर अंजलि ट्रेडर्स ने अगवानपुर पेपर मिल से अपनी रकम ले ली। इस तरह उसने इकराम को 1.40 लाख रुपये का चूना लगा दिया। आठ हजार रुपये उसने खर्च कर लिए जबकि 1.32 लाख रुपये पुलिस ने बरामद कर लिए। आरोपी ने बताया कि उसने अपनी बीमार मां का इलाज कराने के लिए ठगी की इस घटना को अंजाम दिया।
मां के नाम पर खरीदता था सिम
एसएसपी ने बताया कि आरोपी खालिद दसवीं पास है। वह अपनी मां संजीदा के नाम पर सिम खरीदता था। उसने खाते में भी पता दूसरी जगह का लिखा रखा था।
पुलिस टीम को दस हजार का पुरस्कार
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि जिस सिम से आरोपी खालिद ने वेस्टेज गत्ता कारोबारी को कॉल की थी वह सिम वह उपयोग में नहीं ले रहा था। लिहाजा उसे पकड़ पाना काफी मुश्किल था। बैंक खाते से जो आधारकार्ड लिंक था उसमें भी उसका पता जो लिखा था वहां रहता नहीं था। लेकिन सर्विलांस टीम व सिविल लाइंस टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आरोपी को ठगी गई अधिकांश रकम के साथ गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। जिसके लिए टीम को दस हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।