विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद रामपुर और प्रदेश की सियासत में हलचल तेज हो गई है। चुनावी बिगुल के बीच जल्द ही सपा सांसद आजम खां के बेटे अब्दुल्ला आजम के जेल से बाहर आने की उम्मीद है। ऐसा इसलिए क्योंकि उनके खिलाफ जिले के विभिन्न थानों में दर्ज 43 मुकदमों में जमानत मंजूर हो चुकी है और अब उनकी रिहाई का परवाना भी पहुंचना शुरू हो गया है। मंगलवार को नौ मुकदमों में जमानती दाखिल करने के बाद कोर्ट ने रिहाई परवाने जारी कर दिए हैं।
रामपुर समाजवादी पार्टी का गढ़ माना जाता है। दरअसल, समाजवादी पार्टी के फायरब्रांड नेता आजम खां का गृहजनपद रामपुर है। वह शहर विधानसभा सीट से नौ बार चुनाव जीत चुके हैं और वर्तमान में रामपुर के सांसद हैं। जबकि, उनकी पत्नी डॉ. तजीन फात्मा शहर विधायक हैं।
आजम खां ने वर्ष 2017 में अपने पुत्र अब्दुल्ला आजम को स्वार विधानसभा क्षेत्र से पहली बार विधायक का चुनाव लड़ाया और जीत भी गए। लेकिन, शुरुआत से ही उनका चुनाव विवादों में रहा। उनके धुरविरोधी पूर्व राज्यमंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने चुनाव आयोग से कम उम्र के मामले में शिकायत की।
जिसके बाद हाइकोर्ट में याचिका दाखिल की गई, जिसके बाद हाइकोर्ट ने अब्दुल्ला आजम खां की विधायकी रद्द करते हुए निर्वाचन शून्य घोषित कर दिया। अब्दुल्ला आजम के खिलाफ स्वार, अजीमनगर, सिविल लाइंस, गंज सहित जिले के विभिन्न थानों में 45 मुकदमे दर्ज हुए थे। इनमें दो मुकदमों में नामजद झूठी पाई।