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जेल से जल्द बाहर आ सकते हैं अब्दुल्ला आजम: नौ मुकदमों में कोर्ट ने जारी किया रिहाई परवाना, दर्ज हैं 43 मुकदमे

Wed, 12 Jan 2022 12:40 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर

सार

अब्दुल्ला आजम जेल से जल्द बाहर आ सकते हैं। जिले के विभिन्न थानों में दर्ज 43 मुकदमों में जमानत मंजूर हो चुकी है और अब उनकी रिहाई का परवाना भी पहुंचना शुरू हो गया है। मंगलवार को नौ मुकदमों में जमानती दाखिल करने के बाद कोर्ट ने रिहाई परवाने जारी कर दिए हैं।
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फाइल फोटो - फोटो : Social Media
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विस्तार
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विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद रामपुर और प्रदेश की सियासत में हलचल तेज हो गई है। चुनावी बिगुल के बीच जल्द ही सपा सांसद आजम खां के बेटे अब्दुल्ला आजम के जेल से बाहर आने की उम्मीद है। ऐसा इसलिए क्योंकि उनके खिलाफ जिले के विभिन्न थानों में दर्ज 43 मुकदमों में जमानत मंजूर हो चुकी है और अब उनकी रिहाई का परवाना भी पहुंचना शुरू हो गया है। मंगलवार को नौ मुकदमों में जमानती दाखिल करने के बाद कोर्ट ने रिहाई परवाने जारी कर दिए हैं।

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रामपुर समाजवादी पार्टी का गढ़ माना जाता है। दरअसल, समाजवादी पार्टी के फायरब्रांड नेता आजम खां का गृहजनपद रामपुर है। वह शहर विधानसभा सीट से नौ बार चुनाव जीत चुके हैं और वर्तमान में रामपुर के सांसद हैं। जबकि, उनकी पत्नी डॉ. तजीन फात्मा शहर विधायक हैं। 

आजम खां ने वर्ष 2017 में अपने पुत्र अब्दुल्ला आजम को स्वार विधानसभा क्षेत्र से पहली बार विधायक का चुनाव लड़ाया और जीत भी गए। लेकिन, शुरुआत से ही उनका चुनाव विवादों में रहा। उनके धुरविरोधी पूर्व राज्यमंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने चुनाव आयोग से कम उम्र के मामले में शिकायत की। 
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जिसके बाद हाइकोर्ट में याचिका दाखिल की गई, जिसके बाद हाइकोर्ट ने अब्दुल्ला आजम खां की विधायकी रद्द करते हुए निर्वाचन शून्य घोषित कर दिया। अब्दुल्ला आजम के खिलाफ स्वार, अजीमनगर, सिविल लाइंस, गंज सहित जिले के विभिन्न थानों में 45 मुकदमे दर्ज हुए थे। इनमें दो मुकदमों में नामजद झूठी पाई। 

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इसके बाद उन पर 43 मुकदमे शेष रह गए। इस 26 फरवरी 2020 को आजम खां, अब्दुल्ला आजम और डॉ. तजीन फात्मा ने कोर्ट में सरेंडर किया था। वर्तमान में शहर विधायक डॉ. तजीन फात्मा जमानत पर बाहर हैं, जबकि उनके पुत्र अब्दुल्ल आजम अपने पिता आजम खां के साथ सीतापुर जेल में करीब 23 माह से बंद हैं।

अब्दुल्ला आजम के 43 मामलों में पहले ही जमानत कोर्ट द्वारा मंजूर की जा चुकी है, लेकिन माना जा रहा है कि वह अपने पिता के स्वास्थ्य की वजह से जेल से बाहर नहीं आए थे। अब चुनाव आयोग ने प्रदेश में विधानसभा चुनाव का एलान कर दिया है और रामपुर में दूसरे चरण यानी 14 फरवरी को मतदान होना है। ऐसे में आजम खां के जेल में होने के कारण सपा के गढ़ को बचाने की जिम्मेदारी अब्दुल्ला आजम के कांधों पर है।

 ऐसे में उन्हें जेल से बाहर निकालने के लिए कोशिशें तेज हो गईं हैं। मंगलवार को उनके अधिवक्ता के द्वारा नौ मुकदमों में जमानती एमपी-एमएलए कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) में पेश किए गए। जिसके बाद कोर्ट ने इन नौ मामलों में रिहाई परवाना जारी कर दिया है। रिहाई परवाने का आदेश सीतापुर जेल प्रशासन को भेजा गया है। इसके बाद माना जा रहा है कि अब्दुल्ला आजम खां जेल से जल्द ही बाहर होंगे और आने वाले दिनों में उनके शेष मुकदमों के रिहाई के परवाने भी भेजे जा सकते हैं। 
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