मुरादाबाद। छजलैट के चौदह साल पुराने मामले में स्वार टांडा विधानसभा से सपा विधायक अब्दुल्ला आजम सोमवार को कोर्ट में हाजिर हुए, जबकि विधायक आजम खां की ओर से स्थगन प्रार्थनापत्र दाखिल किया गया। सोमवार को इस मामले में सुनवाई नहीं हो सकी। अब एक नवंबर को सुनवाई होगी।
छजलैट थाने के सामने 29 जनवरी 2008 सपा के पूर्व मंत्री और रामपुर के विधायक आजम खां की कार पुलिस ने चेकिंग के लिए रुकवा ली थी। जिसके बाद विवाद बढ़ गया था और आसपास के जनपदों से सपा नेता मौके पर पहुंच गए थे। इसके बाद सड़क पर जाम लगाकर हंगामा किया था। इस मामले में आजम खां, अब्दुल्ला आजम, अमरोहा के विधायक महबूब अली, नूरपुर के पूर्व विधायक नईमउलहसन, नगीना के विधायक मनोज पारस, डीपी यादव, राजेश यादव समेत अन्य के खिलाफ के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। इस मुकदमे की सुनवाई एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट स्मिता गोस्वामी की अदालत में की जा रही है। विशेष लोक अभियोजक मोहन लाल विश्नोई ने बताया कि इससे पूर्व तिथि पर अदालत ने आजम खान और अब्दुल्ला आजम की फाइल अलग कर दी थी। सोमवार को आजम खान के अधिवक्ता द्वारा स्थगन प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया गया जबकि अब्दुल्ला आजम ने अदालत में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। आरोपियों मे पूर्व विधायक हाजी इकराम कुरैशी, नूरपुर सपा विधायक नईम ऊल हसन, पूर्व महानगर अध्यक्ष राजकुमार प्रजापति, राजेश यादव, डीपी यादव ने अदालत में उपस्थिति दर्ज कराई की। जबकि शेष आरोपियों की ओर स्थगन प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया गया। सोमवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट अवकाश पर होने के कारण कार्यवाही नहीं हो सकी। अदालत ने सुनवाई के लिए 1 नवंबर लगा दी है। संवाद