आगरा/मुरादाबाद। सिविल लाइंस क्षेत्र में एसएसपी आवास के पास से अगवा किए गए आढ़ती संदीप थैरेजा शनिवार को आगरा स्थित बस अड्डे पर बेहोशी की हालत में पड़े मिले। उन्हें आगरा पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया। जहां होश में आने पर उन्होंने अपना नाम पता और कार सवारों द्वारा अपहरण करने की बात बताई है। सूचना मिलने पर परिजन और पुलिस मुरादाबाद से आगरा के लिए रवाना हो गई।
सिविल लाइंस थानाक्षेत्र के रामगंगा विहार निवासी संदीप की मंडी समिति में सब्जी और फल की आढ़त है। बृहस्पतिवार सुबह वह स्कूटी से मंडी जा रहे थे। आवास विकास कालोनी की तरफ मुड़ने पर कार सवार बदमाशों ने टक्कर मारकर संदीप की स्कूटी गिरा
दिया। इसके बाद संदीप को कार में डालकर अगवा करके ले गए। संदीप के परिजनों ने वारदात
के संबंध में सिविल लाइंस थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। यहां पुलिस की टीमें संदीप की तलाश में जुटी थी। उधर, शुक्रवार शाम करीब साढ़े सात बजे आगरा के थाना हरीपर्वत पुलिस को सूचना मिली कि इंटर स्टेट बस टर्मिनस (आईएसबीटी) पर एक व्यक्ति बेहोश पड़ा है। मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे अस्पताल पहुंचाया। होश में आने पर पूछताछ की तो, उसने बताया कि वह सब्जी व्यापारी संदीप और उसका कार सवारों ने मुरादाबाद से अपहरण कर लिया है। आगरा के एसपी सिटी विकास कुमार ने बताया कि संदीप से उसके परिजनों का मोबाइल नंबर मालूम करने पर बात की गई। उन्होंने भी यही बताया कि संदीप के अपहरण के संबंध में सिविल लाइंस थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इसके बाद मुरादाबाद जनपद पुलिस को सूचना दे दी है। संदीप के परिजन और पुलिस आगरा के लिए रवाना हो गए हैं। घटना की रिपोर्ट मुरादाबाद में दर्ज है, इसलिए संदीप को परिजनों की सुुपुर्द किया जाएगा। यह भी पता चला है कि संदीप का आढ़त औ दुकान को लेकर विवाद चल रहा है।
रामचंद्र के भाई और उसके दोस्तों ने किया अपहरण
मुरादाबाद। पुलिस अधीक्षक नगर अखिलेश भदौरिया ने बताया कि आढ़ती ने होश में आने पर बताया कि रामचंद्र से दुकान और आढ़त का लेकर विवाद चल रहा है। सिविल लाइंस की आवास विकास कालोनी में कार सवारों ने मेरी स्कूटी में टक्कर मार दी थी। इसके बाद वह सड़क पर गिर गया था। कार से उतरे लोगों ने मुझे अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद वह मुझे कार में डालकर ले गए। कार में रामचंद्र का भाई और उसके दोस्त मौजूद थे। मुझे तमंचे के बल पर कुछ पीने को दिया। इसके बाद मैं बेहोश हो गया था। होश आया तो खुद को अस्पताल में पाया है।