मुरादाबाद। मझोली की रहने वाली एक महिला आरटीई के तहत बेटे का यूकेजी में दाखिला दिलवाने के लिए सात दिन से स्कूल और विभाग के चक्कर लगा रहीं हैं। लेकिन अभी तक उनके बेटे का एडमिशन नहीं हुआ है। महिला का आरोप है कि सभी कागजात पूरे होने के बावजूद स्कूल ने दाखिला देने से मना कर दिया है।
मझोली की रहने वाली नेहा रानी ने बताया कि महिलाल पब्लिक स्कूल खुशहालपुर में आरटीई के तहत बेटे का एडमिशन होना है। जब वह स्कूल में बेटे के दाखिला कराने के लिए पहुंची तो उन्हें एडमिशन करने के लिए आश्वासन दिया गया।
स्कूल के तीन से चार दिन तक चक्कर लगाने के बाद एडमिशन प्रभारी का कहना था कि तीन महीने के लिए प्रवेश मिलेगा। क्योंकि छात्र का किसी निजी स्कूल में एडमिशन हुआ है। तीन महीने बाद आरटीई के तहत हुआ एडमिशन अपने आप कैंसिल हो जाएगा।
दो दिन बाद फिर स्कूल पहुंची तो प्रभारी ने एडमिशन करने से मना कर दिया है। प्रधानाचार्य सोनिका सक्सेना ने बताया कि बच्चे का एडमिशन पहले से किसी दूसरे स्कूल में हो चुका है। बच्चे का परमानेंट एजुकेशन नंंबर (पीएएन) जनरेट हो गया है। इसलिए बच्चे का एडमिशन नहीं हो पा रहा है।
आरटीई के तहत किसी को भी एडमिशन के लिए मना नहीं किया गया है। पीएएन नंबर जनरेट होने पर बच्चे का एडमिशन कैसे किया जाए। इसके बारे में बेसिक शिक्षा विभाग में पता किया जाएगा। इसके बाद ही एडमिशन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।