मुरादाबाद। गन्ना उत्पादन का आंकलन मंडल में एक से 30 मई तक किया जाएगा। किसानों की समस्याओं का निस्तारण एवं गन्ना सर्वेक्षण मैट्रिक प्रणाली के आधार पर होगा। शत-प्रतिशत सर्वेक्षण जीपीएस युक्त एंड्रायड मशीन से होगा।
गन्ना आयुक्त की तरफ से मंडल कार्यालय को जारी निर्देश के तहत गन्ना किसान वेबसाइट के माध्यम से खुद घोषणापत्र भरेंगे। सर्वेक्षण टीम में एक राजकीय गन्ना पर्यवेक्षक, समिति कर्मचारी एवं एक चीनी मिल कर्मचारी शामिल होगा। प्रत्येक चीनी मिल क्षेत्र में 500 से 1000 हेक्टेयर की अस्थायी सर्किल बनाया जाएगा। सर्वे टीम को जोन स्तर पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। सर्वेक्षण से तीन दिन पूर्व किसानोंं को एसएमएस द्वारा सूचना दी जाएगी। सर्वेक्षण के बाद खेत का क्षेत्रफल, किस्म आदि की सूचना भी किसानों को एसएमएस से भेजी जाएगी।
किसी भी गन्ना कृषक की सर्वेक्षित भूमि का सत्यापन राजस्व विभाग की वेबसाइट से किया जा सकता है। ऑनलाइन घोषणापत्र न भरने वाले गन्ना कृषकों का सट्टा आगामी पेराई सत्र 2026-27 में विभाग बंद कर सकता है।
नए सदस्यों का पंजीकरण भी होगा
जिला गन्ना अधिकारी के अनुसार गन्ना सर्वेक्षण के दौरान नए सदस्यों का पंजीकरण भी किया जाएगा। 30 सितंबर तक पंजीकृत कृषकों को ही गन्ना आपूर्ति का लाभ मिलेगा। उपज बढ़ोतरी के लिए गन्ना सर्वेक्षण से लेकर 30 सितंबर तक आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। अनुसूचित जाति एवं जनजाति के कृषकों, लघु कृषकों एवं अन्य कृषकों से दस रुपये से लेकर 200 रुपये तक शुल्क जमा कराया जाएगा। इस दौरान जोन स्तर पर ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक, जिला स्तर पर जिला गन्ना अधिकारी एवं क्षेत्रीय स्तर पर उप गन्ना आयुक्त सर्वेक्षण कार्य के लिए उत्तरदायी होंगे।